Rain soaked books: धूप में किताबें सुखाते दिखे बच्चे
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Simran Arora
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
मध्य प्रदेश के धार जिले के तिरला ब्लॉक स्थित सूरजपुरा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में बड़ी संख्या में किताबें स्कूल परिसर के बाहर खुले में फैली दिखाई दे रही हैं और बच्चे उन्हें उठाते तथा पन्ने पलटते नजर आ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार ये किताबें बारिश के पानी से भीग गई थीं। घटना सामने आने के बाद स्कूल में किताबों के रखरखाव और भवन की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे।
जर्जर टिन की छत से स्कूल में पहुंचा पानी
रिपोर्टों के मुताबिक स्कूल की पुरानी और जर्जर टिन की छत से बारिश का पानी टपककर रसोई कक्ष में पहुंच गया था। इसी जगह पुरानी किताबें रखी हुई थीं, जिसके कारण किताबें पानी में भीग गईं। स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक करीब 50 विद्यार्थी पढ़ते हैं। घटना ने बारिश के मौसम में स्कूल भवन और शैक्षणिक सामग्री को सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
धूप में किताबें सुखाते नजर आए बच्चे
वायरल वीडियो में बच्चों को खुले परिसर में रखी किताबों को उठाते और उनके पन्ने पलटते देखा गया। इससे यह तस्वीर सामने आई कि बारिश से प्रभावित किताबों को धूप में सुखाने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, इस आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को किताबें सुखाने का काम सौंपा था। अधिकारियों को स्कूल प्रबंधन ने बताया कि बच्चे लंच के दौरान अपनी ओर से किताबों के पास पहुंचे थे।
जांच में सामने आया किताबें पुरानी थीं
जांच के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि वीडियो में दिखाई दे रही किताबें वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों के इस्तेमाल में नहीं थीं। ये उन विद्यार्थियों से वापस जमा की गई पुरानी पाठ्यपुस्तकें थीं, जो पिछली कक्षाएं पास कर चुके थे। बारिश के दौरान इन्हीं किताबों के भीगने की बात सामने आई है। इस तथ्य के सामने आने के बाद खबर को केवल “बच्चों की पढ़ाई की किताबें खराब हुईं” के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस दिया
वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जिला परियोजना समन्वयक अभिषेक यादव ने ब्लॉक संसाधन समन्वयक को मौके पर जाकर जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। तिरला ब्लॉक के BRC मुकेश सक्सेना ने स्कूल पहुंचकर स्थिति की जांच की और स्कूल प्रबंधन का पक्ष दर्ज किया।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
अधिकारियों की जांच में स्कूल प्रबंधन की ओर से यह सफाई दी गई कि बच्चों को किताबें सुखाने या उनकी निगरानी का काम नहीं दिया गया था। फिलहाल विभाग ने स्कूल की स्थिति और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामले ने सरकारी स्कूल भवनों की स्थिति, बारिश से बचाव और शैक्षणिक सामग्री के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था पर जरूर सवाल खड़े किए हैं।






