जम्मू-कश्मीर के उरी-बारामूला में बादल फटा: मलबे से सड़कें हुईं जाम
Pranav Srivastava
13 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Myra Dubey
13 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Neha Tripathi
16 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Myra Dubey
16 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Aditya Verma
17 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Ada khan
18 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Neel Saxena
18 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Pooja Reddy
20 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Neha Tripathi
20 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Dhruv Bhatt
20 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Navya Nair
22 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
जम्मू-कश्मीर के उरी-बारामूला इलाके में बादल फटने के बाद हालात बिगड़ गए। पहाड़ी क्षेत्रों से तेज रफ्तार में मटमैला पानी और भारी मलबा नीचे की ओर आया, जिससे कई इलाकों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। अचानक आए पानी के साथ बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी भी बहकर सड़कों तक पहुंच गई। घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सड़कों पर जमा हुआ भारी मलबा
बादल फटने के बाद पहाड़ों से आए मलबे ने कई मार्गों को प्रभावित कर दिया। सड़कों पर बड़े पत्थर, मिट्टी और गाद जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। कुछ स्थानों पर सड़कें पूरी तरह या आंशिक रूप से अवरुद्ध होने की स्थिति सामने आई। प्रशासन की टीमें प्रभावित मार्गों की स्थिति का आकलन कर रही हैं।
तेज बहाव से लोगों में दहशत
पहाड़ी इलाकों से अचानक आए मटमैले पानी के तेज बहाव ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी। पानी के साथ मलबा और पत्थर आने के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से प्रभावित और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। राहत और बचाव दल स्थिति पर नजर रख रहे हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों द्वारा लोगों को मौसम और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहने की अपील
बादल फटने के बाद पहाड़ी इलाकों में दोबारा मलबा गिरने और अचानक पानी का बहाव बढ़ने का खतरा बना रह सकता है। इसी को देखते हुए लोगों से भूस्खलन प्रभावित ढलानों, नालों और संवेदनशील सड़कों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
राहत-बचाव टीमें हालात पर बनाए हुए हैं नजर
फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमें सक्रिय हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित मार्गों को सुरक्षित बनाना और लोगों की आवाजाही को सामान्य करना है। मौसम की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।


