नागपंचमी पर देवघर में लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब: सावन सोमवार पर आस्था का सैलाब

Aarohi Chaudhary
7 घंटे पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Nisha Shah
8 घंटे पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Shruti Bajpai
8 घंटे पहलेSpirituality hi asli shakti hai is duniya mein.
Ada khan
8 घंटे पहलेKundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.
Pranav Srivastava
14 घंटे पहलेIshwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.
Kunal Rao
14 घंटे पहलेYeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!
Taushif Shekh
16 घंटे पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Pranav Srivastava
17 घंटे पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी के पावन संयोग पर देवघर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा बैद्यनाथ धाम में दर्शन और जलार्पण के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह 9 बजे तक ही करीब 1 लाख भक्त बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर चुके थे। पूरे दिन करीब 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के देवघर पहुंचने का अनुमान लगाया गया। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्तों की भारी भीड़ नजर आई। हर ओर हर-हर महादेव और बोल-बम के जयकारों से पूरा देवघर शिवमय हो गया।
10 से 12 किलोमीटर तक पहुंची कतार
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार कई किलोमीटर तक फैल गई। मंदिर में जल चढ़ाने के लिए लगी कतार करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर कुमेथा तक पहुंच गई, जहां श्रद्धालु आधी रात से ही अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। बड़ी संख्या में कांवड़िए भी पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण कांवड़िया पथ से लेकर मंदिर परिसर तक हर तरफ श्रद्धालुओं की मौजूदगी दिखाई दी। भक्त घंटों इंतजार के बाद बाबा का जलाभिषेक कर रहे थे। इस दौरान प्रशासन की ओर से भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
सावन सोमवार और नागपंचमी का महासंयोग
इस बार सावन की तीसरी सोमवारी के साथ नागपंचमी और सिंह संक्रांति का भी संयोग बना, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ गया। विशेष पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव और नाग देवता की पूजा-अर्चना के लिए देवघर पहुंचे। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सुबह से ही जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं में इस विशेष संयोग को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने बाबा बैद्यनाथ को जल और बेलपत्र अर्पित कर अपनी मनोकामनाओं के लिए पूजा की। धार्मिक मान्यताओं के चलते इस अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही।
कांवड़ियों की भारी मौजूदगी
सावन सोमवार के अवसर पर सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पैदल आने वाले कांवड़ियों की संख्या भी काफी अधिक रही। कांवड़िए लंबी यात्रा पूरी करने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। कांवड़िया पथ पर लगातार बोल-बम और हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई देते रहे। कई श्रद्धालु समूह बनाकर पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचे। कांवड़ियों की भारी मौजूदगी से पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने रास्ते में पेयजल, स्वास्थ्य और विश्राम की व्यवस्थाएं भी कीं।
सुरक्षा और सुविधाओं पर प्रशासन की नजर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए देवघर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। मंदिर परिसर से लेकर कांवड़िया पथ तक बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रूट लाइनिंग और निगरानी की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं की कतार व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ती रहे। भक्तों के लिए जगह-जगह पेयजल, स्वास्थ्य शिविर और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई। प्रशासनिक अधिकारी लगातार भीड़ की स्थिति पर नजर रखते रहे और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव करते रहे। भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ अपनी बारी का इंतजार करते हुए बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया।
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा देवघर
सावन सोमवार और नागपंचमी के पावन अवसर पर पूरा देवघर हर-हर महादेव और बोल-बम के जयकारों से गूंजता रहा। मंदिर की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के चेहरे पर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण को लेकर उत्साह साफ नजर आया। लंबी कतार में घंटों इंतजार करने के बावजूद भक्तों में आस्था और उत्साह कम नहीं हुआ। कांवड़ियों के साथ बड़ी संख्या में आम श्रद्धालु भी बाबा के दरबार में पहुंचे। लाखों भक्तों की मौजूदगी ने इस धार्मिक पर्व को बेहद खास बना दिया। आस्था, भक्ति और जयकारों से पूरा देवघर भगवान शिव की भक्ति में डूबा नजर आया।





