बारामती एयरफील्ड पर दर्दनाक विमान हादसा: VVIP नेता समेत 5 की मौत

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महाराष्ट्र के बारामती एयरफील्ड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक छोटा विमान लैंडिंग के दौरान रनवे तक पहुंचने से पहले ही क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि घटनास्थल पर कोई भी जीवित नहीं मिला।

“ओह शिट…” — रेडियो पर गूंजी आखिरी आवाज
हादसे से ठीक पहले ग्राउंड कंट्रोल पर बैठे पायलट कैडेट्स ने रेडियो पर विमान से आती एक आखिरी आवाज सुनी— “ओह शिट…”
यह आवाज एक सेकेंड से भी कम समय के लिए थी, लेकिन उसके बाद रेडियो कम्युनिकेशन पूरी तरह टूट गया। कंट्रोल रूम में मौजूद सभी लोग सन्न रह गए। कुछ बोलने या समझने से पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था।

रनवे से पहले जमीन से टकराया विमान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान रनवे थ्रेशोल्ड तक पहुंच ही नहीं पाया। लैंडिंग के दौरान उसने नियंत्रण खो दिया और एयरस्ट्रिप की सीमा के भीतर ही जमीन से टकरा गया। ऐसा माना जा रहा है कि पायलटों ने अंतिम क्षणों में नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन समय और ऊंचाई दोनों साथ नहीं दे पाए।

ग्राउंड कंट्रोल पर मौजूद थे ट्रेनी कैडेट्स
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय ग्राउंड कंट्रोल की जिम्मेदारी युवा पायलट कैडेट्स संभाल रहे थे। रेडबर्ड एविएशन और कार्वर एविएशन से जुड़े ये कैडेट्स नियमित ट्रेनिंग के तहत लाइव कम्युनिकेशन मॉनिटर कर रहे थे। उनके लिए यह सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि एक वास्तविक और डरावना अनुभव बन गया।

DGCA अधिकारी की पुष्टि
एक वरिष्ठ DGCA अधिकारी ने बताया कि “रेडियो रिकॉर्ड में पायलटों की आखिरी आवाज वही है, जो ग्राउंड कंट्रोल ने सुनी। उसके बाद कोई सिग्नल प्राप्त नहीं हुआ।”
फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक और मौसम से जुड़े पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।

विमान में सवार थे नेता
हादसे के वक्त विमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार मौजूद थे, जो अपने निर्धारित कार्यक्रम के लिए बारामती पहुंच रहे थे। उनके साथ विमान चालक दल और अन्य सहयोगी भी सवार थे। सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

बारामती में शोक की लहर
हादसे की खबर फैलते ही पूरे बारामती क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। एयरफील्ड के आसपास भारी संख्या में लोग जमा हो गए। आमतौर पर राजनीतिक गतिविधियों और आयोजनों से गुलजार रहने वाला इलाका उस दिन पूरी तरह खामोश नजर आया।

जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार
प्रशासन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। DGCA, एयरफोर्स तकनीकी टीम और स्थानीय प्रशासन मिलकर हर पहलू की जांच कर रहे हैं। ब्लैक बॉक्स और रेडियो लॉग्स को अहम सबूत माना जा रहा है।

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