जम्मू-कश्मीर के डोडा में दर्दनाक हादसा: 10 जांबाज जवान बलिदान, 7 घायल

10 जांबाज जवान बलिदान, 7 घायल

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जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। गुरुवार को भदरवाह सब-डिवीजन के थानाला क्षेत्र में सेना का एक बुलेट-प्रूफ वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। इस दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि 7 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

200 फीट गहरी खाई में गिरा वाहन
अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर स्थित खन्नी टॉप के पास हुआ। सेना का यह वाहन ऊंचाई पर स्थित एक फॉरवर्ड पोस्ट की ओर जा रहा था। रास्ते में चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद गाड़ी सड़क से फिसलकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

राहत और बचाव अभियान तेज
हादसे की सूचना मिलते ही सेना और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं। बचाव दल ने खाई से जवानों को बाहर निकाला और घायलों को तत्काल मेडिकल सहायता प्रदान की।

घायल जवानों को एयरलिफ्ट किया गया
हादसे में घायल जवानों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल तीन जवानों को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री अस्पताल भेजा गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज नजदीकी सैन्य अस्पताल में जारी है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताया शोक
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “डोडा में हुए दुखद सड़क हादसे में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों के बलिदान से अत्यंत व्यथित हूं। हम उनके सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि घायल जवानों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

देशभर से शोक संदेश
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सहित कई नेताओं ने हादसे पर शोक व्यक्त किया और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। सभी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

संवेदनशील बना डोडा जिला
गौरतलब है कि डोडा जिला हाल के दिनों में सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ है। पहाड़ी और जंगली इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के बीच यह हादसा सेना के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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