उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर इलाके में रहने वाले 23 वर्षीय युवक रोहित सिंह उर्फ दीपक सिंह गौर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले युवक द्वारा बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में युवक कहता है— “मेरा धर्म परिवर्तन किया जा रहा है, लेकिन मैं अपने धर्म के रास्ते पर रहूंगा। भारत में गांजा बंद होना चाहिए और नारी का सम्मान होना चाहिए… मैंने गलतियां कीं, माफ करना… मैं फांसी लगाने जा रहा हूं।” पनकी रतनपुर इलाके में तनाव, शव रखकर सड़क जाम घटना के बाद गुरुवार शाम पोस्टमार्टम किया गया। शुक्रवार सुबह परिजन शव को घर लाए और सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। लखनऊ यात्रा के दौरान दबाव और मारपीट का आरोप परिजनों के अनुसार, युवक 26 जनवरी को लखनऊ अपनी बहन से मिलने गया था। आरोप है कि चार युवकों ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर उसे रोका, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और मारपीट भी की। परिजनों का दावा है कि उसे एक मजार पर भी ले जाया गया था।
राजस्थान के बाड़मेर जिले से गणतंत्र दिवस के दिन सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे दिया। वीडियो में जिला कलेक्टर और चर्चित IAS अधिकारी टीना डाबी ध्वजारोहण के बाद सलामी देती नजर आ रही हैं, लेकिन एक क्षण के लिए उनकी दिशा को लेकर सवाल खड़े किए गए। गणतंत्र दिवस समारोह में क्या हुआ था? 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बाड़मेर जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में जिला कलेक्टर टीना डाबी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगान के दौरान सलामी देते समय कुछ सेकेंड के लिए दिशा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी, जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया। सैल्यूट को लेकर क्यों उठे सवाल? वायरल वीडियो में दावा किया गया कि टीना डाबी ने राष्ट्रीय ध्वज की बजाय सामने लगे कैमरों की दिशा में सलामी दी। इसी आधार पर सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे “प्रोटोकॉल उल्लंघन” करार देते हुए आलोचना शुरू कर दी। ‘कैमरा कल्चर’ बनाम प्रशासनिक गरिमा आलोचकों का कहना था कि सोशल मीडिया और कैमरों की मौजूदगी ने अधिकारियों को भी ‘इमेज कॉन्शियस’ बना दिया है। वहीं समर्थकों ने सवाल उठाया कि क्या कुछ सेकेंड की तकनीकी चूक को देशभक्ति पर सवाल उठाने का आधार बनाया जा सकता है?
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आम वाहन चालकों को बड़ी राहत देते हुए FASTag से जुड़ा एक अहम फैसला लिया है। 1 फरवरी 2026 से कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए नए FASTag जारी करते समय Know Your Vehicle (KYV) प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इस फैसले से लाखों वाहन मालिकों को टोल प्लाजा पर होने वाली अनावश्यक परेशानियों और कागजी झंझट से छुटकारा मिलेगा। क्या है नया बदलाव? अब तक FASTag जारी होने के बाद भी वाहन मालिकों को बार-बार RC अपलोड करने, वाहन की फोटो भेजने और वेरिफिकेशन कॉल्स का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में सही दस्तावेज होने के बावजूद टैग सस्पेंड या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता था। 1 फरवरी 2026 से: FASTag एक्टिवेशन के बाद कोई KYV वेरिफिकेशन नहीं होगा, सारी जांच टैग जारी होने से पहले ही पूरी कर ली जाएगी, एक बार टैग मिलने के बाद दोबारा डॉक्यूमेंट देने की जरूरत नहीं, बैंकों की बढ़ेगी जिम्मेदारी नए नियमों के तहत अब बैंक सीधे VAHAN डेटाबेस से वाहन की जानकारी वेरिफाई करेंगे। RC दिखाने की जरूरत सामान्य मामलों में नहीं होगी, केवल विशेष या संदेहास्पद मामलों में क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जा सकता है, टैग जारी करने से पहले सारी जिम्मेदारी बैंकों की होगी,
महाराष्ट्र के बारामती एयरफील्ड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक छोटा विमान लैंडिंग के दौरान रनवे तक पहुंचने से पहले ही क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि घटनास्थल पर कोई भी जीवित नहीं मिला। “ओह शिट…” — रेडियो पर गूंजी आखिरी आवाज हादसे से ठीक पहले ग्राउंड कंट्रोल पर बैठे पायलट कैडेट्स ने रेडियो पर विमान से आती एक आखिरी आवाज सुनी— “ओह शिट…” यह आवाज एक सेकेंड से भी कम समय के लिए थी, लेकिन उसके बाद रेडियो कम्युनिकेशन पूरी तरह टूट गया। कंट्रोल रूम में मौजूद सभी लोग सन्न रह गए। कुछ बोलने या समझने से पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था। रनवे से पहले जमीन से टकराया विमान प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान रनवे थ्रेशोल्ड तक पहुंच ही नहीं पाया। लैंडिंग के दौरान उसने नियंत्रण खो दिया और एयरस्ट्रिप की सीमा के भीतर ही जमीन से टकरा गया। ऐसा माना जा रहा है कि पायलटों ने अंतिम क्षणों में नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन समय और ऊंचाई दोनों साथ नहीं दे पाए।