Telegram को 15 दिन का नोटिस: Telegram पर अवैध फिल्म शेयरिंग रोकने का आदेश

Telegram पर अवैध फिल्म शेयरिंग रोकने का आदेश
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Riya Jain

Riya Jain

0 सेकंड पहले

Artificial Intelligence ab aur tezi se aage badh raha hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

0 सेकंड पहले

Is research se bahut logon ko faayda hoga.

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केंद्र सरकार ने फिल्मों और OTT प्लेटफॉर्म के कॉपीराइट कंटेंट की अवैध शेयरिंग पर सख्त रुख अपनाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को औपचारिक नोटिस जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) ने प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर हो रही डिजिटल पायरेसी को गंभीर चिंता का विषय बताया है।सरकार का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां फिल्म उद्योग, कंटेंट निर्माताओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रही हैं।


 15 दिनों में मांगी गई एक्शन रिपोर्ट
सरकार ने Telegram को 15 दिनों के भीतर अपनी डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पायरेटेड फिल्मों व OTT कंटेंट की शेयरिंग रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत Action Taken Report (ATR) सौंपने का निर्देश दिया है।इसके साथ ही प्लेटफॉर्म को अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम और सुरक्षा फिल्टर को और प्रभावी बनाने के लिए भी कहा गया है।


फिल्मों और वेब सीरीज की हो रही थी अवैध शेयरिंग
सरकारी सूत्रों के अनुसार Telegram पर नई रिलीज फिल्में, वेब सीरीज और प्रीमियम OTT कंटेंट अवैध रूप से बड़े पैमाने पर साझा किए जा रहे थे। इससे कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ निर्माताओं, वितरकों और ब्रॉडकास्टर्स को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।सरकार का उद्देश्य इस अवैध नेटवर्क पर रोक लगाकर डिजिटल कंटेंट की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

 

 क्रिएटर इकोनॉमी की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई भारत की Creator Economy को सुरक्षित रखने के लिए की जा रही है। फिल्म निर्माता, OTT प्लेटफॉर्म, टीवी ब्रॉडकास्टर्स, प्रोड्यूसर और डिस्ट्रीब्यूटर सभी इस समस्या से लंबे समय से प्रभावित हो रहे हैं।सरकार चाहती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म कॉपीराइट कानूनों का सख्ती से पालन करें और अवैध कंटेंट के प्रसार को तुरंत रोकें।


नियमों का पालन नहीं करने पर बढ़ सकती है कार्रवाई
यदि Telegram तय समय के भीतर संतोषजनक जवाब या प्रभावी कार्रवाई नहीं करता है, तो सरकार आगे और कड़े कदम उठा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय कंपनी की प्रतिक्रिया और रिपोर्ट की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि कॉपीराइट उल्लंघन को अब गंभीरता से लिया जाएगा।


 डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ेगी जवाबदेही
सरकार की इस पहल को ऑनलाइन पायरेसी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट सुरक्षा को लेकर निगरानी और सख्त किए जाने की संभावना है।विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी कंपनियों, कंटेंट निर्माताओं और सरकार के बीच बेहतर समन्वय से ही डिजिटल पायरेसी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

 

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Artificial Intelligence ab aur tezi se aage badh raha hai.

Shruti Bajpai

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0 सेकंड पहले

Is research se bahut logon ko faayda hoga.

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