12 साल से फरार ₹50 हजार का इनामी गिरफ्तार: तमिलनाडु के पोल्ट्री फार्म से पकड़ा गया आरोपी

Riya Jain
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 12 साल से अधिक समय से फरार चल रहे एक इनामी जालसाज को गिरफ्तार किया है।आरोपी की पहचान 62 वर्षीय मनोहरण कंदसामी के रूप में हुई है।उस पर दिल्ली पुलिस ने ₹50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।वह प्रमुख राजनीतिक और सरकारी कार्यालयों के फर्जी लेटरहेड बनाने के मामले में वांटेड था।क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन तमिलनाडु में ट्रेस की।इसके बाद टीम ने नामक्कल जिले के तिरुचेंगोडु इलाके से आरोपी को दबोच लिया।
पोल्ट्री फार्म में छिपकर रह रहा था आरोपी
दिल्ली पुलिस की सेंट्रल रेंज क्राइम ब्रांच को आरोपी के तमिलनाडु में छिपे होने की जानकारी मिली थी।तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस ने उसकी लोकेशन नामक्कल जिले के आसपास ट्रेस की।इसके बाद पुलिस टीम ने तिरुचेंगोडु के बाहरी इलाके में एक पोल्ट्री फार्म पर छापेमारी की।यहीं से पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे मनोहरण कंदसामी को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के मुताबिक आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान और ठिकाने बदलता रहा।अब पुलिस 12 साल की फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
फर्जी सरकारी लेटरहेड बनाने का मामला
मनोहरण कंदसामी के खिलाफ नई दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने में साल 2008 में मामला दर्ज हुआ था।यह FIR संख्या 33/2008 से जुड़ा मामला है, जिसमें जालसाजी के गंभीर आरोप लगाए गए थे।पुलिस के अनुसार आरोपी पर प्रमुख राजनीतिक और सरकारी कार्यालयों के फर्जी लेटरहेड तैयार करने का आरोप था।इन फर्जी दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया था।मामले में उसके खिलाफ तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धारा 465 और 468 के तहत केस दर्ज किया गया था।लंबे समय तक अदालत में पेश नहीं होने के बाद वह कानून की नजर में भगोड़ा घोषित किया गया था।
जमानत के बाद फरार हुआ था आरोपी
पुलिस के मुताबिक मनोहरण कंदसामी को इस मामले में पहले गिरफ्तार किया गया था।बाद में जमानत मिलने के बाद उसने अदालत में पेश होना बंद कर दिया।बताया गया है कि 2014 में वह जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर फरार हो गया था।इसके बाद अदालत ने उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹50 हजार का इनाम भी घोषित किया था।करीब 12 साल की तलाश के बाद क्राइम ब्रांच ने आखिरकार उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया।
तकनीकी सर्विलांस से मिली सफलता
लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ने के लिए दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी का सहारा लिया।जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के तमिलनाडु में होने की जानकारी मिली।टीम ने जानकारी को सत्यापित करने के बाद नामक्कल जिले में अभियान चलाया।तिरुचेंगोडु के बाहरी इलाके में स्थित पोल्ट्री फार्म से आरोपी को पकड़ लिया गया।गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है।अब पुलिस उसकी फरारी के दौरान संपर्क में रहे लोगों और संभावित अन्य गतिविधियों की जांच कर रही है।
12 साल बाद दिल्ली पुलिस के हाथ लगा आरोपी
मनोहरण कंदसामी करीब 12 वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।वह दिल्ली के एक पुराने हाई-प्रोफाइल जालसाजी मामले में वांटेड था।आरोपी पर महत्वपूर्ण सरकारी और राजनीतिक कार्यालयों के फर्जी लेटरहेड तैयार करने का आरोप है।दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच के जरिए उसकी तलाश को आगे बढ़ाया।तमिलनाडु में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और दिल्ली लाया गया।अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान आरोपी ने किसी अन्य धोखाधड़ी या अपराध को अंजाम दिया या नहीं।





