Netanyahu Calls Indian Captain: नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन स्मित को किया फोन

Ayaan Khan
5 घंटे पहलेVishwa shanti ke liye yeh situation concerning hai.
Dev Kapoor
6 घंटे पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Aarohi Chaudhary
6 घंटे पहलेVishwa shanti ke liye yeh situation concerning hai.
Anjali Patil
8 घंटे पहलेYeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.
Yash Kulkarni
8 घंटे पहलेYeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.
Harsh Pandya
11 घंटे पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Ada khan
11 घंटे पहलेIndia ka is maamle mein kya role hoga?
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को किया फोन
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर करीब छह मिनट बातचीत की। दी गई जानकारी के अनुसार नेतन्याहू ने मुश्किल परिस्थितियों में उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की और उन्हें भारत, इजरायल तथा पूरी दुनिया का सच्चा हीरो बताया। बातचीत के दौरान उन्होंने कैप्टन स्मित को अगले इजरायली स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर जश्न की मशाल जलाने का निमंत्रण भी दिया।
30 सितंबर की घटना ने बटोरी चर्चा
यह मामला 30 सितंबर की उस घटना से जुड़ा है, जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से हमला किया। दी गई खबर के मुताबिक हमले के बाद विमान करीब दो मिनट में 17,000 फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने स्थिति संभाली और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद फ्लाइट क्रू और यात्रियों ने आरोपी को काबू किया।
174 यात्रियों की बचाई जान
घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। खबर के अनुसार विमान में सवार सभी 174 लोगों की जान बच गई। इस घटना में कैप्टन स्मित की सूझबूझ और कठिन परिस्थिति में लिए गए फैसले की चर्चा हुई। इसी साहस के लिए अब इजरायली प्रधानमंत्री की ओर से उन्हें विशेष सम्मान देने का निमंत्रण सामने आया है।
इजरायली स्वतंत्रता दिवस पर मिलेगा सम्मान
इजरायल का स्वतंत्रता दिवस 'योम हा'अतजमाउट' के नाम से जाना जाता है और यह हिब्रू कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है। दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2027 में यह स्वतंत्रता दिवस 12 मई को होगा, जबकि मुख्य समारोह 11 मई की शाम से यरुशलम के माउंट हर्जल पर शुरू होगा। इस अवसर पर असाधारण योगदान देने वाले चुनिंदा लोगों द्वारा 12 मशालें जलाने की परंपरा है। इसी परंपरा के तहत कैप्टन स्मित को भी मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी गई है।
भारत-इजरायल संबंधों में खास संदेश
भारतीय पायलट को इजरायल के राष्ट्रीय समारोह में आमंत्रित किया जाना दोनों देशों के बीच सम्मान और सहयोग के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। कैप्टन स्मित की घटना ने उनकी पेशेवर सूझबूझ और साहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, मशाल समारोह और निमंत्रण से जुड़ी आगे की औपचारिक जानकारी संबंधित पक्षों की घोषणा के अनुसार स्पष्ट होगी।








