Durga Visarjan Muhurat: दुर्गा विसर्जन 2026: जानें शुभ मुहूर्त और सही समय

Pooja Reddy
1 दिन पहलेYeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!
Ritika Ghosh
1 दिन पहलेIshwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.
Anil Sen
1 दिन पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Pranav Srivastava
1 दिन पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Rohan Desai
1 दिन पहलेSpirituality hi asli shakti hai is duniya mein.
Vaishali shinde
1 दिन पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Diya Gupta
1 दिन पहलेGraha nakshatra sab kuch pehle se bata dete hain.
20 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन, जानें शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी मनाई जा रही है। इस अवसर पर देश के कई हिस्सों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विसर्जन से पहले पूजा-अर्चना और माता की विदाई शुभ समय पर करना अच्छा माना जाता है। उपलब्ध पंचांग विवरण के अनुसार, इस वर्ष दुर्गा विसर्जन का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक बताया गया है। इसकी कुल अवधि 2 घंटे 16 मिनट है। स्थानीय पंचांग और पूजा समिति के निर्देशों के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।
विसर्जन से पहले करें पूजा और आरती
मां दुर्गा की विदाई से पहले भक्त माता के सामने दीपक जलाकर आरती करते हैं। इसके बाद फूल, फल, मिठाई और अन्य प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है। कई घरों और पूजा पंडालों में प्रतिमा विसर्जन से पहले चुनरी, सिंदूर और श्रृंगार सामग्री अर्पित करने की परंपरा भी निभाई जाती है। पूजा के अंत में भक्त मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं और श्रद्धा के साथ विदाई देते हैं।
विजयादशमी पर मां दुर्गा की विदाई का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा शक्ति, साहस, ज्ञान और समृद्धि की कामना के लिए की जाती है। विजयादशमी पर विसर्जन के साथ इस पूजा उत्सव का समापन होता है। यह परंपरा देवी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और अगले वर्ष फिर उनके आगमन की प्रार्थना करने का अवसर मानी जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों में विसर्जन की विधि और उससे जुड़ी परंपराएं भिन्न हो सकती हैं।
विसर्जन के दौरान रखें स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान
दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान स्थानीय प्रशासन और पूजा समितियों के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्धारित स्थानों का ही उपयोग करें और नदी या तालाब में प्लास्टिक, सजावटी सामग्री तथा अन्य कचरा न डालें। जलाशयों में उतरते समय सावधानी बरतें और बच्चों को पानी के पास अकेला न छोड़ें। पर्यावरण के अनुकूल सामग्री और निर्धारित विसर्जन स्थलों का इस्तेमाल धार्मिक परंपरा के साथ पर्यावरण की सुरक्षा में भी मदद कर सकता है।
स्पेशल अपडेट: स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करें
दुर्गा विसर्जन 2026 के लिए उपलब्ध पंचांग विवरण में 20 अक्टूबर को दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक का मुहूर्त बताया गया है। चूंकि शुभ समय की गणना स्थान और पंचांग के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए विसर्जन से पहले स्थानीय पंचांग, मंदिर या पूजा समिति से समय की पुष्टि कर लेना उचित रहेगा। धार्मिक मुहूर्त आस्था और परंपराओं पर आधारित होते हैं।








