28 अगस्त को लगेगा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण: भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण

भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण
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Vaishali shinde

Vaishali shinde

4 दिन पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

4 दिन पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Navya Nair

Navya Nair

4 दिन पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Diya Gupta

Diya Gupta

4 दिन पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

4 दिन पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

4 दिन पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

4 दिन पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

4 दिन पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

4 दिन पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

4 दिन पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

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28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा आंशिक चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। भारतीय समयानुसार ग्रहण की शुरुआत सुबह 6:54 बजे होगी और इसका चरम सुबह करीब 9:42 बजे रहेगा। ग्रहण दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा और इसकी कुल अवधि करीब 5 घंटे 38 मिनट बताई जा रही है। हालांकि ग्रहण का पूरा समय भारत में दिन के दौरान रहेगा, जिसके कारण यहां चंद्रमा दिखाई नहीं देगा। इस वजह से भारतीय लोगों के लिए ग्रहण को लेकर धार्मिक नियम भी अलग रहेंगे।


भारत में नहीं दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
28 अगस्त का यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। ग्रहण के दौरान भारत में दिन का समय होने के कारण चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। यह खगोलीय घटना मुख्य रूप से यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों से देखी जा सकेगी। भारत में दृश्यता नहीं होने के कारण यहां रहने वाले लोग इसे आसमान में प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख पाएंगे। यही वजह है कि ग्रहण को लेकर भारत में सूतक से संबंधित नियम भी लागू नहीं माने जा रहे हैं।


रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा सूतक का साया
इस बार चंद्र ग्रहण और रक्षाबंधन का पर्व एक ही दिन पड़ रहा है। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में रक्षाबंधन के पर्व पर ग्रहण का कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। बहनें सामान्य रूप से भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी और पर्व से जुड़े धार्मिक कार्य भी किए जा सकेंगे।

 

सुबह 6:54 से दोपहर 12:32 तक रहेगा ग्रहण
भारतीय समय के अनुसार आंशिक चंद्र ग्रहण सुबह 6:54 बजे शुरू होगा। सुबह करीब 9:42 बजे ग्रहण अपने चरम पर पहुंचेगा और दोपहर 12:32 बजे इसकी समाप्ति होगी। हालांकि भारत में उस समय चंद्रमा दिखाई नहीं देने के कारण यहां ग्रहण का प्रत्यक्ष प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। खगोलीय दृष्टि से यह साल की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल होगा, जिसे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में देखा जा सकेगा।


सूतक को लेकर क्या है धार्मिक मान्यता
हिंदू धार्मिक परंपराओं में आमतौर पर चंद्र ग्रहण दिखाई देने वाले स्थानों पर सूतक काल को महत्व दिया जाता है। भारत में इस ग्रहण के दिखाई नहीं देने के कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं होने की बात कही जा रही है। इसका मतलब है कि रक्षाबंधन के दिन पूजा-पाठ और अन्य शुभ कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं। हालांकि सूतक और धार्मिक नियमों को लेकर अलग-अलग परंपराओं में मान्यताएं अलग हो सकती हैं।


खगोलीय घटना पर दुनिया की नजर
28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे। चंद्र ग्रहण उस समय होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। 28 अगस्त को होने वाला ग्रहण आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, इसलिए चंद्रमा का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की छाया से प्रभावित होगा। भारत में इसे नहीं देखा जा सकेगा, लेकिन रक्षाबंधन के कारण देश में इस ग्रहण को लेकर धार्मिक चर्चा जरूर बनी रहेगी।

 

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Vaishali shinde

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4 दिन पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Pihu Agarwal

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4 दिन पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Navya Nair

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4 दिन पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Diya Gupta

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4 दिन पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Ishaan Tiwari

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4 दिन पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Ritika Ghosh

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4 दिन पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Aarohi Chaudhary

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4 दिन पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Ritika Ghosh

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4 दिन पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

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Ishaan Tiwari

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4 दिन पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

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