India Arms Exports Rise: भारत के हथियार निर्यात में बड़ा उछाल

Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Taushif Shekh
5 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Ayaan Khan
6 घंटे पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Myra Dubey
7 घंटे पहलेPaise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.
Diya Gupta
7 घंटे पहलेCrypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.
Anika Rajput
10 घंटे पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Tanya Bajaj
11 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
यूरोप को भारत के गोला-बारूद निर्यात में बड़ी वृद्धि
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूरोप में गोला-बारूद की मांग बढ़ी है। इसी बीच भारतीय रक्षा उद्योग के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के बाद के चार वर्षों में भारत ने यूरोपीय देशों को करीब 87.2 करोड़ डॉलर यानी 872 मिलियन डॉलर के गोला-बारूद और संबंधित उत्पादों का निर्यात किया। इससे पहले के चार वर्षों में यह आंकड़ा लगभग 4.92 करोड़ डॉलर था।
निर्यात में 1600 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय देशों को भारत के गोला-बारूद निर्यात में 1600 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने भारत को यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बताया है। यह आंकड़ा यूरोपीय रक्षा बाजार में भारतीय कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी को दर्शाता है।
मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत की भूमिका
आंकड़ों के अनुसार, भारत मध्य और पूर्वी यूरोप के 13 देशों को गोला-बारूद और संबंधित उत्पादों की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। इस समूह में भारत दक्षिण कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर बताया गया है। भारत के इन निर्यातों का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों को गया।
किन रक्षा उत्पादों का हुआ निर्यात?
भारत से यूरोप भेजे गए उत्पादों में मुख्य रूप से आर्टिलरी शेल, मोर्टार शेल, प्रोपेलेंट और विस्फोटक शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्यात में लड़ाकू विमान या मिसाइलें शामिल नहीं थीं। रूस के फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद यूरोपीय देशों ने अपनी सैन्य तैयारियां मजबूत करने और गोला-बारूद के भंडार दोबारा भरने पर जोर दिया है।
भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर
भारत के कुल रक्षा निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह 23,622 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भारतीय रक्षा उद्योग की निर्यात क्षमता और वैश्विक बाजार में उसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।








