Why Food App Prices Differ: एक ही डिश का अलग-अलग ऐप पर अलग बिल क्यों?

एक ही डिश का अलग-अलग ऐप पर अलग बिल क्यों?
प्रतिक्रियाएँ
Neel Saxena

Neel Saxena

0 सेकंड पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

0 सेकंड पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

Nisha Shah

Nisha Shah

0 सेकंड पहले

Financial planning sochni hogi ab naye sir se.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

11 मिनट पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Anika Rajput

Anika Rajput

1 घंटे पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Anika Rajput

Anika Rajput

2 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

2 घंटे पहले

Crypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.

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एक ही डिश की कीमत अलग क्यों
ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते समय एक ही रेस्टोरेंट की एक ही डिश अलग-अलग फूड डिलीवरी ऐप्स पर अलग कीमत में दिखाई दे सकती है। हाल ही में एक Reddit यूजर ने बताया कि उसे एक ही बिरयानी के लिए दूसरे ऐप की तुलना में करीब 130 रुपये ज्यादा चुकाने पड़े। इसके बाद अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कीमतों की तुलना को लेकर चर्चा शुरू हुई।

 

सिर्फ खाने की कीमत नहीं होता बिल
फूड डिलीवरी ऐप पर दिखाई देने वाली डिश की कीमत के अलावा डिलीवरी चार्ज, प्लेटफॉर्म फीस, पैकेजिंग या हैंडलिंग चार्ज, टैक्स और अलग-अलग डिस्काउंट अंतिम बिल को प्रभावित कर सकते हैं। Zomato और Swiggy की शर्तों के अनुसार, मेन्यू और कीमतों की जानकारी रेस्टोरेंट या मर्चेंट की ओर से उपलब्ध कराई जाती है।

 

डिस्काउंट से भी बदल जाता है हिसाब
मान लीजिए किसी रेस्टोरेंट में बिरयानी की कीमत 400 रुपये है। एक ऐप पर 100 रुपये का कूपन उपलब्ध हो सकता है, जबकि दूसरे ऐप पर ऐसा ऑफर नहीं हो। इसके अलावा डिलीवरी की दूरी और अन्य शुल्क भी जुड़ सकते हैं, जिससे एक ही डिश का अंतिम भुगतान अलग हो जाता है।

 

CCI के मामले से भी सामने आया अंतर
जुलाई 2026 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के सामने एक मामले में एक ही रेस्टोरेंट के भोजन की कीमत सीधे खरीदने और Zomato के जरिए खरीदने पर अलग होने की शिकायत सामने आई थी। आयोग ने कहा कि ऑनलाइन डिलीवरी में प्लेटफॉर्म और डिलीवरी जैसी अतिरिक्त सेवाएं शामिल होती हैं, इसलिए सीधे रेस्टोरेंट की कीमत से तुलना करना अलग संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

 

मेन्यू नहीं अंतिम बिल देखें
खाना ऑर्डर करते समय केवल मेन्यू में दिखाई देने वाली कीमत देखकर फैसला करना सही नहीं है। दोनों ऐप पर एक ही डिश को कार्ट में डालकर डिलीवरी शुल्क, प्लेटफॉर्म फीस, टैक्स और उपलब्ध डिस्काउंट के बाद बनने वाले अंतिम बिल की तुलना करना ज्यादा उपयोगी है।

 

ऑनलाइन ऑर्डर में छोटी जांच से बच सकता है खर्च
एक ही डिश की कीमत में अंतर हमेशा केवल खाने की मूल कीमत के कारण नहीं होता। अलग-अलग शुल्क और ऑफर अंतिम रकम बदल सकते हैं। इसलिए ऑर्डर करने से पहले कुल भुगतान राशि देखना जरूरी है, खासकर तब जब एक ही रेस्टोरेंट कई डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो।

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Neel Saxena

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0 सेकंड पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

0 सेकंड पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

Nisha Shah

Nisha Shah

0 सेकंड पहले

Financial planning sochni hogi ab naye sir se.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

11 मिनट पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Anika Rajput

Anika Rajput

1 घंटे पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Anika Rajput

Anika Rajput

2 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

2 घंटे पहले

Crypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.

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