दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़: बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का दिया आदेश

Payal jadon
3 घंटे पहलेEntertainment duniya mein naya chapter shuru ho gaya.
Sneha Menon
7 घंटे पहलेFilmi duniya ka yeh drama khatam hone wala nahi.
Saanvi Pandey
9 घंटे पहलेCelebrity ki yeh baat sun ke haiaran reh gaye.
Harsh Pandya
10 घंटे पहलेFilmi duniya ka yeh drama khatam hone wala nahi.
Aryan Malhotra
12 घंटे पहलेIndustry mein itna bada change pehli baar dekha.
बॉलीवुड की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बुधवार, 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को मामले की जांच अपने हाथ में लेने और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह फैसला दिशा के पिता सतीश सालियान की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद आया है।
CBI पहले दर्ज करेगी पिता का बयान
हाईकोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि वह सबसे पहले दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करे और उसके आधार पर FIR की प्रक्रिया आगे बढ़ाए। साथ ही मुंबई पुलिस को मामले से जुड़े दस्तावेज और केस पेपर CBI को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
कोर्ट ने कहा- सबूत मिलने पर ही कोई बनेगा आरोपी
अदालत ने जांच को लेकर महत्वपूर्ण बात भी स्पष्ट की है। कोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री सामने आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा। यानी केवल किसी व्यक्ति का नाम शिकायत या आरोपों में होने से वह स्वतः आरोपी नहीं बन जाता। CBI जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
दिशा के पिता ने मांगी थी नए सिरे से जांच
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मामले की नए सिरे से जांच और CBI जांच की मांग की थी। उनके वकील निलेश ओझा ने पुलिस की पिछली जांच और FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर अदालत के सामने सवाल उठाए थे।
पुलिस ने पहले ADR दर्ज कर जांच की थी
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। शुरुआती कार्रवाई में मुंबई पुलिस ने Accident Death Report (ADR) दर्ज की थी। बाद की जांच में पुलिस ने मौत को आत्महत्या बताया था। हालांकि दिशा के परिवार ने इस निष्कर्ष पर सवाल उठाते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की।
जांच के तरीके और FIR को लेकर कोर्ट ने उठाए सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में इस बात पर सवाल उठे कि परिवार की ओर से गंभीर आरोप लगाए जाने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई। अदालत ने पुलिस की जांच प्रक्रिया और उपलब्ध रिकॉर्ड से जुड़े कई पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था। इसी न्यायिक समीक्षा के बाद अब मामले को CBI जांच के लिए सौंपने का आदेश आया है।
पोस्टमॉर्टम और जांच से जुड़े पहलुओं की भी होगी पड़ताल
मामले की सुनवाई में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच से जुड़े रिकॉर्ड भी चर्चा में रहे हैं। परिवार और उनके वकील ने पुराने जांच निष्कर्षों पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस की ओर से पहले कहा गया था कि पोस्टमॉर्टम में यौन हमले के सबूत नहीं मिले थे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत को आत्महत्या माना गया था। अब CBI इन सभी पहलुओं की स्वतंत्र रूप से जांच करेगी।
आदित्य ठाकरे समेत कई नामों का जिक्र, लेकिन अभी आरोपी नहीं
दिशा के पिता की याचिका और उनके वकील की ओर से दिए गए बयानों में आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के नामों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन नामों को लेकर लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को पर्याप्त सबूत सामने आने के बाद ही आरोपी माना जाएगा। इसलिए फिलहाल किसी नामित व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी या आरोपी ठहराया गया कहना सही नहीं होगा।
दिशा की मौत के छह दिन बाद हुई थी सुशांत सिंह राजपूत की मौत
दिशा सालियान की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के बीच कम अंतर होने के कारण दिशा और सुशांत की मौत के मामले लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा में जुड़े रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि होना अभी जांच का विषय है।
छह साल बाद फिर खुलेगा दिशा सालियान मौत का मामला
बॉम्बे हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब 2020 में हुई दिशा सालियान की मौत की जांच नए स्तर पर पहुंच गई है। CBI FIR दर्ज कर गवाहों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज, पुराने जांच रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। आने वाले समय में जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर इस मामले की अगली दिशा निर्भर करेगी।







