English Headline Iran Warns US Over Final Talks: ईरान की अमेरिका को चेतावनी, शर्तें पूरी होने तक अंतिम बातचीत नहीं

Ravi sinha
0 सेकंड पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
Sai Mehta
1 घंटे पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Priya Iyer
1 घंटे पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Anjali Patil
3 घंटे पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Neha Tripathi
4 घंटे पहलेAise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.
ईरान-अमेरिका तनाव जारी
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच तेहरान ने समझौते की शर्तों को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। ईरानी संसद के स्पीकर और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालीबफ ने कहा है कि अमेरिका की ओर से पहले तय प्रतिबद्धताओं को पूरा करना जरूरी है।
अंतिम बातचीत पर शर्त
गालीबफ के अनुसार ईरान अंतिम समझौते पर बातचीत तब तक आगे नहीं बढ़ाएगा, जब तक अमेरिका समझौते में निर्धारित अपनी प्रतिबद्धताओं को लागू नहीं करता। जून 2026 में दोनों देशों के बीच 14 बिंदुओं वाला एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग सामने आया था, जिसमें अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए शुरुआती प्रावधानों के क्रियान्वयन की व्यवस्था शामिल थी।
14 पॉइंट MoU का मुद्दा
14 बिंदुओं वाले MoU में सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने, संप्रभुता का सम्मान करने, नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, तेल निर्यात और ईरान की प्रतिबंधित संपत्तियों से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए थे। दस्तावेज में कहा गया था कि इन शुरुआती कदमों के लागू होने के बाद शेष प्रावधानों पर अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू होगी।
गालीबफ ने दी कड़ा बयान
गालीबफ ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा कि यदि दूसरा पक्ष MoU में तय प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता है तो ईरान युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने अमेरिका पर पहले हुए संघर्ष को समाप्त करने वाले समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया। यह गालीबफ का बयान है और आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अलग से आवश्यक है।
फारस की खाड़ी का भी जिक्र
ईरानी वार्ताकार ने फारस की खाड़ी और उससे जुड़े घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया। इससे पहले गालीबफ ने कहा था कि अमेरिका की ओर से MoU में तय प्रतिबद्धताओं को लागू किए बिना स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जुड़े मुद्दों पर भी आगे बढ़ना संभव नहीं होगा।
अंतिम समझौते पर नजर
14 बिंदुओं वाले MoU में अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते को अधिकतम 60 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से बढ़ाया जा सकता था। मौजूदा घटनाक्रम में ईरान की ओर से पहले समझौते की प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।








