पटाखा दुकानों का निरीक्षण: अग्नि सुरक्षा के निर्देश

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दीपावली से पहले बालाघाट प्रशासन सख्त! कलेक्टर-एसपी ने पटाखा दुकानों पर मारा छापा, लाइसेंस से लेकर फायर सेफ्टी तक की जांच
बालाघाट/न्यूज़ एमपी एक्सप्रेस। दीपावली के त्योहार को सुरक्षित बनाने के लिए बालाघाट जिला प्रशासन ने पटाखों के भंडारण और बिक्री पर निगरानी तेज कर दी है। त्योहार के दौरान पटाखों की मांग बढ़ने के बीच किसी भी तरह की आगजनी या दुर्घटना को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर आदित्य सिंह और पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बुधवार, 21 अक्टूबर को बैहर बायपास रोड स्थित थोक पटाखा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने दुकानों में रखे पटाखों की स्थिति, भंडारण क्षमता, लाइसेंस की वैधता और अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की बारीकी से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पटाखों का भंडारण और विक्रय निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
दीपावली से पहले पटाखा दुकानों की जांच कलेक्टर आदित्य सिंह और पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बैहर बायपास रोड स्थित पटाखा एंड पटाखा तथा श्री विजय वाधवानी के पटाखा विक्रय प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानों के लाइसेंस की वैधता और उनमें निर्धारित शर्तों की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही प्रतिष्ठानों में उपलब्ध पटाखों के स्टॉक और भंडारण क्षमता की जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी देखा कि पटाखों को निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही रखा जा रहा है या नहीं। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री करते समय नियमों का पालन हो और किसी संभावित दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।
आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम रखने के निर्देश निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पटाखा प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के लिए उपलब्ध उपकरणों की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने दुकान संचालकों को निर्देशित किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों में रेत से भरी बाल्टियां, पानी और पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रखें। उन्होंने कहा कि केवल सुरक्षा उपकरण रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही स्थिति में होना भी जरूरी है, ताकि आपातकाल में तुरंत उपयोग किया जा सके। अग्निशामक यंत्रों की वैधता और उनकी कार्यशीलता की समय-समय पर जांच करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पटाखों के भंडारण और बिक्री के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट कराने पर जोर
कलेक्टर आदित्य सिंह ने पटाखा दुकान संचालकों को नियमित अंतराल पर थर्ड पार्टी के माध्यम से फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का आकलन करना और किसी भी कमी को समय रहते दूर करना है। अधिकारियों ने कहा कि पटाखों का कारोबार करते समय लाइसेंस की शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। सुरक्षित भंडारण, उचित अग्नि सुरक्षा उपकरण और निर्धारित नियमों के अनुसार संचालन से संभावित हादसों को रोकने में मदद मिल सकती है। प्रशासन ने त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लेने और आवश्यक इंतजाम पहले से दुरुस्त रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौज पटाखा विक्रय प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिर्रा, एसडीएम गोपाल सोनी और तहसीलदार छवि पंत भी उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री और भंडारण में सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई को त्योहार से पहले सुरक्षा व्यवस्था की जांच और नियमों के पालन पर जोर देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

