मीराबाई चानू ने जीता पहला गोल्ड: वेटलिफ्टिंग में भारत की स्वर्णिम शुरुआत
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेYeh match bahut rochak tha, enjoyed it!
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेHamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेChampion ban ke dikhao, hum saath hain!
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेYeh match bahut rochak tha, enjoyed it!
Riya Jain
0 सेकंड पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेPoori team ko dil se congratulations!
Sonu rai
0 सेकंड पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेHamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Ada khan
0 सेकंड पहलेYeh match bahut rochak tha, enjoyed it!
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Payal jadon
0 सेकंड पहलेHamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेYeh match bahut rochak tha, enjoyed it!
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेHamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!
Payal jadon
0 सेकंड पहलेYeh match bahut rochak tha, enjoyed it!
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने शानदार शुरुआत की है। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। पोडियम पर जब मीराबाई चानू स्वर्ण पदक के साथ खड़ी हुईं, तो पूरा स्टेडियम भारतीय तिरंगे और राष्ट्रगान की गूंज से भर गया। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व का मौका दिया है।
190 किलो वजन उठाकर मीराबाई ने बनाया रिकॉर्ड
मीराबाई चानू ने अपनी ताकत और तकनीक का शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 190 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दौरान उन्होंने स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल वजन के तीनों वर्गों में राष्ट्रमंडल खेलों के नए रिकॉर्ड बना दिए।
ग्लासगो में बदला 2014 का सिल्वर, 2026 में जीता गोल्ड
ग्लासगो का मैदान मीराबाई चानू के लिए बेहद खास रहा। वर्ष 2014 में इसी शहर में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता था। 12 साल बाद उन्होंने उसी मंच पर शानदार वापसी करते हुए रजत को स्वर्ण में बदल दिया। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार गोल्ड जीतने का रिकॉर्ड बनाया।
पोडियम पर तिरंगा देखकर भावुक हुईं चानू
ऐतिहासिक जीत के बाद मीराबाई चानू भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि पोडियम पर खड़े होकर तिरंगे को ऊपर जाते देखना उनके लिए सबसे गर्व का पल था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कोच, परिवार और देशवासियों को दिया, जिन्होंने चोटों और मुश्किल समय में उनका साथ दिया। उनकी यह जीत मेहनत और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी बन गई है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने दी बधाई
मीराबाई चानू की स्वर्णिम सफलता पर देशभर से बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ने भी उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने कहा कि उनकी उपलब्धि देश के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। इस जीत के साथ भारत का राष्ट्रमंडल खेलों में पदक अभियान शानदार तरीके से शुरू हुआ है।
भारत की गोल्डन गर्ल ने फिर रचा इतिहास
मीराबाई चानू ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया की शीर्ष वेटलिफ्टरों में शामिल हैं। लगातार तीन राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है। उनकी सफलता देश के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।



