Search operation continues: उधमपुर में दो आतंकी मारे गए

Aarav Sharma
1 महीने पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Kabir Shukla
1 महीने पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Diya Gupta
1 महीने पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Tanya Bajaj
1 महीने पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Reyansh Joshi
1 महीने पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Sai Mehta
1 महीने पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Arjun Singh
1 महीने पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Anika Rajput
1 महीने पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Vivaan Gupta
1 महीने पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Ananya Sharma
1 महीने पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के मजलता इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया गया है। यह कार्रवाई 16 और 17 सितंबर की दरमियानी रात शुरू हुए संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान हुई। सेना की वाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया। सुरक्षाबलों के अनुसार ऑपरेशन के दौरान कठिन मौसम और दुर्गम पहाड़ी इलाके की चुनौती के बावजूद दोनों आतंकियों को निष्प्रभावी किया गया।
खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
वाइट नाइट कोर के अनुसार, उधमपुर के ब्राट्टल क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी को लेकर पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने ब्राट्टल सोहन और खुब्बन के जंगलों में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। करीब रात 9 बजे के आसपास शुरू हुई कार्रवाई के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों का आतंकियों से संपर्क हुआ और इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
खराब मौसम और दुर्गम इलाके में कार्रवाई
यह अभियान उधमपुर के ऊंचाई वाले और घने वन क्षेत्र में चलाया गया। इलाके में खराब मौसम, कठिन भूभाग और कम दृश्यता ने सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बढ़ा दी। इसके बावजूद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीमों ने अभियान जारी रखा। रातभर चली कार्रवाई के बाद दो आतंकियों को मार गिराया गया। सुरक्षाबलों ने इलाके में अपनी तैनाती बनाए रखी है ताकि किसी भी संभावित खतरे को तलाशा जा सके।
आतंकियों की पहचान और संगठन की जांच
प्रारंभिक रिपोर्टों में मारे गए दोनों आतंकियों के पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से संभावित संबंध की बात कही गई है। हालांकि, आतंकियों की पहचान और संगठन से संबद्धता को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल उन्हें संदिग्ध आतंकी या JeM से संभावित रूप से जुड़े आतंकियों के तौर पर ही बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां मारे गए आतंकियों की पहचान और उनके नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।
हथियार और गोला-बारूद बरामद
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षाबलों की टीमें पूरे इलाके की तलाशी ले रही हैं और संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है। बरामद सामग्री की विस्तृत जानकारी और उसकी संख्या के बारे में फिलहाल आधिकारिक स्तर पर पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच के आगे बढ़ने के साथ बरामद हथियारों और अन्य सामग्री से जुड़े विवरण सामने आ सकते हैं।
सर्च और सर्विलांस ऑपरेशन जारी
दो आतंकियों के मारे जाने के बावजूद सुरक्षाबलों ने अभियान समाप्त नहीं किया है। वाइट नाइट कोर के अनुसार इलाके में सर्च और सर्विलांस ऑपरेशन जारी है और जवान किसी भी शेष खतरे की तलाश कर रहे हैं। घने जंगल और कठिन भूभाग को देखते हुए अतिरिक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि इलाके में कोई अन्य आतंकी मौजूद न हो।









