48 घंटे में पुलिस ने सुलझाई मर्डर मिस्ट्री: पत्नी ने नाबालिग प्रेमी संग रची साजिश

Harsh Pandya
1 हफ्ते पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Arjun Singh
1 हफ्ते पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Nisha Shah
1 हफ्ते पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Myra Dubey
1 हफ्ते पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Sai Mehta
1 हफ्ते पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Pooja Reddy
1 हफ्ते पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Ada khan
1 हफ्ते पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Ananya Sharma
1 हफ्ते पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Pranav Srivastava
1 हफ्ते पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 16 अगस्त की रात प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में एक स्विफ्ट कार दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली थी। कार के अंदर 24 वर्षीय टेंट हाउस संचालक संजीव कुमार का शव बरामद हुआ था। कार की स्थिति देखकर शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे सड़क हादसा माना था। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे मामले की दिशा बदल गई और यह मामला हत्या की गुत्थी में बदल गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज
संजीव कुमार की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक संजीव की गर्दन पर गोली लगने का निशान मिला, जिससे साफ हुआ कि उसकी मौत महज सड़क दुर्घटना में नहीं हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हादसे के पीछे छिपी साजिश की जांच शुरू कर दी। जांच टीम ने मृतक के संपर्कों और उसके आसपास के लोगों की गतिविधियों को खंगालना शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को हत्या की साजिश से जुड़े अहम सुराग हाथ लगे।
पत्नी के प्रेम प्रसंग से जुड़ी साजिश का खुलासा
पुलिस की जांच में संजीव की पत्नी निशा और उसकी दुकान पर काम करने वाले 17 वर्षीय नाबालिग के बीच प्रेम प्रसंग की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक संजीव को इस रिश्ते की जानकारी होने के कारण घर में विवाद भी होता था। जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि इसी विवाद के चलते संजीव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई थी। आरोप है कि पत्नी ने अपने नाबालिग प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। इसके बाद संजीव की हत्या को सड़क हादसा दिखाने की योजना बनाई गई।
जन्मदिन की पार्टी के बहाने कार में बैठाया
पुलिस के अनुसार घटना वाली रात दोनों नाबालिगों ने संजीव को जन्मदिन की पार्टी मनाने के बहाने कार में साथ लिया था। रास्ते में सुनसान इलाके में पहुंचने के बाद कार में बैठे नाबालिग ने संजीव की गर्दन पर गोली मार दी। गोली लगने के बाद संजीव का कार पर नियंत्रण नहीं रहा और वाहन सड़क किनारे धान के खेत में जा घुसा। आरोपियों ने कथित तौर पर इसी घटना को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की। इसके बाद दोनों नाबालिग मौके से फरार हो गए थे।
48 घंटे में पुलिस ने सुलझाई मर्डर मिस्ट्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने घटना के करीब 48 घंटे के भीतर हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। जांच के आधार पर मृतक की पत्नी निशा और दोनों नाबालिग आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद हत्या से जुड़े घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की जानकारी जुटाई।
हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल कथित अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं। मामले में मृतक की पत्नी और दोनों नाबालिगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपियों के बयानों की भी जांच कर रही है। जिस घटना को शुरुआत में सड़क हादसा समझा गया था, उसकी परतें खुलने के बाद पूरा मामला हत्या की साजिश के रूप में सामने आया। मामले में पुलिस की आगे की जांच के बाद और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।





