26 साल बाद मिला मौत का सच: भाखड़ा नहर की गहराई में दफन था पूरा हादसा
Navya Nair
0 सेकंड पहलेYeh kahani kisi thriller movie se bilkul kam nahi.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेIs rahasya ki tah mein kya chhupa hai, sochne par majboor kar diya.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेAsli doshi kab pakda jayega? System par sawaal hai.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेYeh case bahut gehri saazish lagti hai.
पंजाब के रोपड़ जिले में भाखड़ा नहर से बरामद हुई एक जंग लगी मारुति ओमनी वैन ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पानी के भीतर दिखाई दी रहस्यमयी गाड़ी को देखकर लोग हैरान थे, लेकिन जब भारी मशक्कत और जेसीबी की मदद से उस वैन को बाहर निकाला गया तो सामने आया सच बेहद दर्दनाक था।
बताया जा रहा है कि यह वही वैन है, जो करीब 26 साल पहले चार लोगों समेत अचानक गायब हो गई थी। वैन के अंदर से इंसानी कंकाल, बच्चे की स्कूल यूनिफॉर्म, जूते और कई निजी सामान मिलने से मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
शादी से लौटते वक्त गायब हुआ था पूरा परिवार
यह घटना साल 2000 की बताई जा रही है। कोटला गांव के रहने वाले मुन्नी लाल, तेज राम, सुरजीत सिंह और सुरजीत का 8 वर्षीय बेटा कालू एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। चारों तेज राम की मारुति ओमनी वैन में सवार थे, जिसे उन्होंने हादसे से महज एक महीने पहले जमीन बेचकर खरीदा था। लेकिन उस रात के बाद चारों कभी घर नहीं पहुंचे। परिवार वालों ने हर जगह तलाश की, पुलिस और प्रशासन ने भी अभियान चलाया, लेकिन न तो गाड़ी मिली और न ही लोगों का कोई सुराग।
परिवार ने जमीन बेचकर चलाया था तलाशी अभियान
लापता लोगों के परिजनों ने वर्षों तक उम्मीद नहीं छोड़ी। निजी गोताखोरों को लगाया गया, लाखों रुपये खर्च किए गए और यहां तक कि परिवारों ने अपनी संपत्ति तक बेच दी। मुन्नी लाल की पत्नी सीता देवी ने बताया कि उनके पति पेस्ट्री शेफ थे और उन्हें खोजने में परिवार की सारी बचत खत्म हो गई।
उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा उम्मीद थी कि एक दिन उनके पति वापस लौट आएंगे, लेकिन समय के साथ उम्मीद टूटती चली गई।
दूसरे मामले की तलाश में मिला 26 साल पुराना रहस्य
मामले में तब नया मोड़ आया जब स्थानीय गोताखोर कमलप्रीत सिंह सैनी किसी अन्य लापता व्यक्ति की तलाश में भाखड़ा नहर में उतरे। इसी दौरान उन्हें नहर की गहराई में एक क्षतिग्रस्त वैन दिखाई दी। इसके बाद प्रशासन और बचाव दल ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। तेज बहाव और लगभग 32 फीट गहराई में फंसी वैन को बाहर निकालने में करीब तीन घंटे की मशक्कत करनी पड़ी।
वैन के अंदर मिला ऐसा मंजर कि कांप उठे लोग
जब वैन को खोला गया तो अंदर इंसानी कंकाल, हड्डियों के अवशेष, बच्चे की यूनिफॉर्म, जूते और निजी सामान देखकर हर कोई सन्न रह गया। माना जा रहा है कि ये अवशेष उन्हीं चार लोगों के हैं जो 17 अक्टूबर 2000 को रहस्यमयी तरीके से गायब हुए थे। गोताखोरों और स्थानीय लोगों के मुताबिक अंधेरे में लौटते समय वैन नहर में गिर गई होगी और सभी लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
“हमारे माता-पिता बेटे की याद में तड़पते रहे”
मुन्नी लाल की बहन बिंद्रा ने बताया कि परिवार ने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता बेटे के इंतजार में ही इस दुनिया से चले गए। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब 26 साल बाद जब अवशेष मिले हैं, तो ऐसा लग रहा है कि उनका भाई सच में उनसे हमेशा के लिए बिछड़ गया है।
धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया अंतिम संस्कार
परिवार के सदस्यों ने बरामद कंकाल और हड्डियों को धार्मिक परंपराओं के अनुसार एकत्र किया। बाद में सभी लोग रोपड़ स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब पहुंचे, जहां प्रार्थना के बाद अस्थियों का विसर्जन किया गया। करीब 26 वर्षों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हुआ, लेकिन इस दर्दनाक सच ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई “26 साल पुरानी मिस्ट्री”
भाखड़ा नहर से निकली इस वैन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इसे “26 साल पुरानी मिस्ट्री”, “दिल दहला देने वाला खुलासा” और “सबसे दर्दनाक हादसा” बता रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर उन अधूरी कहानियों और सवालों को जिंदा कर दिया है, जिनके जवाब लोग वर्षों से तलाश रहे थे।




