बिड़ला सीमेंट फैक्ट्री में कर्मचारी की मौत: शव रखकर फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Simran Arora
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Ada khan
18 मिनट पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Aditya Verma
42 मिनट पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Taushif Shekh
47 मिनट पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Payal jadon
48 मिनट पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Ishaan Tiwari
1 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Harsh Pandya
1 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Monika Das
1 घंटे पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Kabir Shukla
1 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Aarohi Chaudhary
1 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Nidhi kumari
2 घंटे पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Navya Nair
2 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Kavya Mishra
2 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Dev Kapoor
3 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Arjun Singh
3 घंटे पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Kunal Rao
3 घंटे पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Sneha Menon
3 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Pihu Agarwal
3 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Pooja Reddy
3 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Myra Dubey
3 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Pranav Srivastava
4 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
मध्य प्रदेश के सतना जिले स्थित बिड़ला सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत 45 वर्षीय कर्मचारी रमाशंकर द्विवेदी की ड्यूटी के दौरान हुई संदिग्ध मौत के बाद फैक्ट्री परिसर के बाहर भारी हंगामा खड़ा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन, स्थानीय ग्रामीण और राजनीतिक कार्यकर्ता फैक्ट्री के मुख्य गेट पर पहुंच गए। मृतक का शव गेट के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू किया गया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
शव रखकर किया चक्काजाम, घंटों ठप रही आवाजाही
आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री के मुख्य प्रवेश द्वार पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे फैक्ट्री के बाहर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही और क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कर्मचारी की मौत के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
मुआवजा, नौकरी और निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक के परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन से पर्याप्त आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर स्थायी नौकरी तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि रमाशंकर द्विवेदी परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया है। स्थानीय मजदूर संगठनों ने भी पीड़ित परिवार की मांगों का समर्थन किया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, 24 लोगों पर एफआईआर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं, सड़क जाम और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय कांग्रेस नेताओं समेत 24 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। श्रमिक संगठनों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने सरकार और श्रम विभाग से फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ऑडिट कराने की मांग भी की है।
प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारी की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।




