Wangchuk Skips CJP Protest: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे सोनम वांगचुक

Kavya Mishra
8 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Vihaan Patel
9 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Kunal Rao
10 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Krishna Yadav
11 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Neel Saxena
12 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Navya Nair
14 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Trapti Tanwar
14 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Pooja Reddy
15 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे सोनम वांगचुक
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वह शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे। इस प्रदर्शन को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जोड़ा गया है। वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश साझा कर अपनी अनुपस्थिति की वजह बताई। इससे पहले वह CJP के एक प्रदर्शन में प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे, लेकिन इस बार उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में चल रहे अपने काम और आने वाली सर्दियों की तैयारियों को प्राथमिकता देने की बात कही है।
वीडियो संदेश में क्या बोले सोनम वांगचुक?
वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि सरकार की ओर से उनके काम में रुकावटें आने और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिशों के बावजूद वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्य जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी टीम आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रही है। उनके संदेश का मुख्य जोर हिमालयी क्षेत्रों में जल सुरक्षा और ग्लेशियर से जुड़े जोखिमों को कम करने के प्रयासों पर रहा। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को शुभकामनाएं भी दीं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुटता तथा समझदारी बनाए रखने की अपील की।
सर्दियों से पहले कृत्रिम ग्लेशियर और जल सुरक्षा पर काम
सोनम वांगचुक के मुताबिक, उनकी प्राथमिकताओं में पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम ग्लेशियरों पर काम करना शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी हिमनदी झीलों से अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे से जुड़े प्रयोगों का भी उल्लेख किया। ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियरों और हिमनदी झीलों से जुड़े जोखिमों को समझना वहां रहने वाले लोगों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वांगचुक ने अपने संदेश में 200 से अधिक संभावित खतरनाक स्थितियों की ओर ध्यान आकर्षित किया, हालांकि इनकी संख्या और जोखिम का स्वतंत्र सत्यापन अलग से आवश्यक है।
फैज की पंक्तियों के जरिए दिया संदेश
अपने वीडियो संदेश में वांगचुक ने मशहूर शायर फैज अहमद फैज की पंक्तियों का संदर्भ देते हुए कहा कि राजनीति के अलावा भी दुनिया में कई जरूरी काम और चिंताएं हैं। इस संदेश के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि इस समय उनका ध्यान जल सुरक्षा और हिमालयी क्षेत्रों की तैयारियों पर है। उन्होंने प्रदर्शन के आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए नेताओं से मतभेदों के बीच एकजुटता और जिम्मेदारी दिखाने का आग्रह किया।
युवाओं से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
वांगचुक ने खास तौर पर युवाओं और Gen Z से हर परिस्थिति में शांतिपूर्ण बने रहने की अपील की। उन्होंने महात्मा गांधी की अहिंसा की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखना जरूरी है। उनका संदेश प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से संयम बरतने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील पर केंद्रित रहा।
CJP के प्रदर्शन पर क्यों टिकी हैं निगाहें?
CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। ऐसे में सोनम वांगचुक की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी है, क्योंकि वह पहले इस आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं। हालांकि, उनके वीडियो संदेश के अनुसार, इस बार उनकी गैरमौजूदगी की वजह हिमालयी क्षेत्रों में जल सुरक्षा और सर्दियों से पहले की तैयारियां हैं। प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम की आगे की जानकारी संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों से स्पष्ट होगी।








