Nandigram Bypoll Arrest Row: नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी

Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Dev Kapoor
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Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Aryan Malhotra
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Sneha Menon
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पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब नंदीग्राम में कांग्रेस, भाजपा और तृणमूल से जुड़े अलग-अलग गुटों के बीच मुकाबला आकार ले रहा था। संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने और कांग्रेस को समर्थन देने के फैसले ने उपचुनाव के समीकरण को बदल दिया।
ममता के समर्थन के कुछ घंटों बाद मिलन प्रधान गिरफ्तार
ममता बनर्जी द्वारा मिलन प्रधान के समर्थन की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद कांग्रेस उम्मीदवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें पूर्व मेदिनीपुर क्षेत्र के एक होटल से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर कांग्रेस और ममता बनर्जी ने सवाल उठाए हैं। ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने भी कार्रवाई के समय को लेकर आपत्ति जताई। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई लंबित वारंटों के आधार पर की गई थी।
2007 नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े पुराने मामले
पुलिस के अनुसार मिलन प्रधान के खिलाफ 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों से जुड़े चार लंबित गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट थे। इन मामलों में दंगा, हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में शस्त्र अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं। इसलिए गिरफ्तारी को पुलिस ने किसी नए चुनावी मामले की कार्रवाई के बजाय पुराने लंबित मामलों और अदालत के वारंटों के क्रियान्वयन से जोड़ा है।
3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत
गिरफ्तारी के बाद मिलन प्रधान को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 3 अक्टूबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। नंदीग्राम में मतदान 6 अक्टूबर को होना है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार गिरफ्तारी अपने आप में उनकी उम्मीदवारी को समाप्त नहीं करती, लेकिन न्यायिक हिरासत में रहने के कारण चुनाव प्रचार प्रभावित होगा। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि यदि उन्हें पहले राहत नहीं मिलती है, तो मतदान से पहले उनके पास प्रचार के लिए बहुत सीमित समय बच सकता है।
कांग्रेस और ममता गुट ने उठाए कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस और ममता बनर्जी के गुट ने पुलिस कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया, जबकि ममता बनर्जी ने भी कहा कि उनकी पार्टी द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने के तुरंत बाद पुराने मामले में गिरफ्तारी होने से सवाल खड़े होते हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने राजनीतिक निशाना बनाए जाने के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि पुलिस ने लंबित वारंटों के आधार पर कानून के तहत कार्रवाई की। इस तरह गिरफ्तारी को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
6 अक्टूबर को होगा नंदीग्राम में मतदान
नंदीग्राम उपचुनाव में अब मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद चुनाव प्रचार और राजनीतिक मुकाबला दोनों चर्चा के केंद्र में हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार की गैर-मौजूदगी में भी पार्टी चुनाव अभियान जारी रखेगी। वहीं भाजपा की ओर से गिरफ्तारी को लंबित कानूनी मामलों की कार्रवाई बताया गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित होगा कि गिरफ्तारी की कानूनी वजह लंबित वारंट हैं, जबकि उसकी टाइमिंग को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना निर्धारित है।








