राहुल-खड़गे की गैरमौजूदगी पर सियासत तेज: लाल किले के राष्ट्रीय समारोह से फिर गायब रहे राहुल गांधी और खड़गे

लाल किले के राष्ट्रीय समारोह से फिर गायब रहे राहुल गांधी और खड़गे
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Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

7 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Sneha Menon

Sneha Menon

7 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

7 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Sai Mehta

Sai Mehta

7 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Monika Das

Monika Das

13 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

14 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

14 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

14 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

15 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर आयोजित मुख्य राष्ट्रीय समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल नहीं हुए। दोनों नेता लगातार दूसरे साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए इस राष्ट्रीय समारोह से दूर रहे।


सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर असंतोष
मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं की अनुपस्थिति के पीछे राष्ट्रीय समारोह में बैठने की व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर असंतोष प्रमुख कारण बताया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं की ओर से यह माना गया कि संवैधानिक पदों की गरिमा के अनुरूप उन्हें समारोह में उचित स्थान मिलना चाहिए।हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस साल राहुल गांधी को स्वतंत्रता दिवस समारोह में आधिकारिक निमंत्रण दिया गया था। रक्षा सचिव आरके सिंह ने 10 अगस्त को कहा था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की सीटिंग आधिकारिक Table of Precedence के अनुसार होगी और उनका स्थान केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्रियों के बाद निर्धारित किया जाएगा।


प्रोटोकॉल और सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर नाराजगी
विपक्षी सूत्रों के मुताबिक सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर असंतोष है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संवैधानिक पदों की गरिमा के अनुरूप स्थान मिलना चाहिए।रक्षा मंत्रालय के मुताबिक व्यवस्था वरीयता तालिका के आधार पर तय की गई थी।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के समकक्ष स्थान दिया जाता है।इसके बावजूद राहुल गांधी और खड़गे ने समारोह से दूरी बनाए रखी।इस फैसले ने पुराने प्रोटोकॉल विवाद को फिर चर्चा में ला दिया।

 

2024 में शुरू हुआ था सीटिंग विवाद
राहुल गांधी की सीटिंग को लेकर विवाद की पृष्ठभूमि 2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी है। उस समय नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी को लाल किले पर पांचवीं पंक्ति में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा से जोड़कर सवाल उठाए थे। वहीं रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया था कि उस वर्ष पेरिस ओलंपिक से लौटे खिलाड़ियों को सम्मान देने के लिए सीटिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया था।


कांग्रेस मुख्यालय में मनाया स्वतंत्रता दिवस
लाल किले के समारोह से अनुपस्थित रहने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदिरा भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।


बीजेपी ने साधा निशाना
राहुल गांधी और खड़गे की लाल किले के समारोह से अनुपस्थिति को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाया कि स्वतंत्रता दिवस किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं बल्कि पूरे देश का राष्ट्रीय पर्व है। विपक्ष के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं की मुख्य समारोह से अनुपस्थिति को लेकर सियासी बहस तेज हो गई।इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच प्रोटोकॉल, संवैधानिक पदों की गरिमा और राष्ट्रीय समारोहों में प्रतिनिधित्व को लेकर राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया है। हालांकि, सीटिंग व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना अभी बाकी है।

 

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Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

7 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Sneha Menon

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7 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

7 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Sai Mehta

Sai Mehta

7 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Monika Das

Monika Das

13 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

14 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

14 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

14 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

15 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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