BJP Targets Congress: सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर लगाए विभाजन की राजनीति के आरोप

Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Nidhi kumari
2 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Sai Mehta
2 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Vivaan Gupta
3 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ritika Ghosh
4 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Navya Nair
6 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Ritika Ghosh
6 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Saanvi Pandey
7 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और उसके नेताओं पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के राम और शिव से जुड़े कथित बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी हिंदू समाज को अलग-अलग आधारों पर विभाजित करने की राजनीति कर रही है। त्रिवेदी ने अपने बयान में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच कथित विभाजन, धर्म और जाति से जुड़े राजनीतिक मुद्दों का भी उल्लेख किया। ये आरोप भाजपा नेता की ओर से लगाए गए हैं।
राहुल गांधी की शपथ का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की 2014 और 2024 की सांसद पद की शपथ का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने 2014 में ईश्वर के नाम पर शपथ ली थी, जबकि 2024 में उन्होंने अंग्रेजी में 'solemnly affirm' के माध्यम से प्रतिज्ञान किया। हालांकि, उपलब्ध संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार सांसदों के लिए ईश्वर के नाम पर शपथ लेने और गंभीरता से प्रतिज्ञान करने, दोनों विकल्प मौजूद हैं। इसलिए 2024 में प्रतिज्ञान का विकल्प चुनना अपने आप में किसी संवैधानिक नियम का उल्लंघन नहीं है।
रेवंत रेड्डी के पुराने बयान का हवाला
भाजपा नेता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नवंबर 2025 में जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान का भी उल्लेख किया। त्रिवेदी ने कांग्रेस और मुस्लिम समुदाय के बीच राजनीतिक संबंधों को लेकर रेवंत रेड्डी की उस टिप्पणी को कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदू समाज को उत्तर और दक्षिण के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है। इस मुद्दे पर रेवंत रेड्डी की पुरानी टिप्पणी पहले भी राजनीतिक विवाद का विषय रही थी।
डीके सुरेश और पी. चिदंबरम के बयानों का जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेताओं डीके सुरेश और पी. चिदंबरम के पुराने बयानों का भी हवाला देते हुए कांग्रेस पर क्षेत्रीय विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने फरवरी 2024 में डीके सुरेश की ओर से दक्षिणी राज्यों से मिलने वाले करों और केंद्र से राज्यों को मिलने वाले हिस्से को लेकर उठाए गए सवालों का उल्लेख किया। इसी तरह उन्होंने पी. चिदंबरम के उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक दूरी से जुड़े विचारों का भी जिक्र किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, डीके सुरेश ने बाद में अपने बयान को कर वितरण में कथित असमानता की ओर ध्यान दिलाने वाला बताया था, जबकि चिदंबरम ने क्षेत्रीय दलों, भाषा और केंद्र-राज्य संबंधों के संदर्भ में उत्तर-दक्षिण राजनीतिक दूरी पर चर्चा की थी।
द्रविड़ियन और आर्यन वाले बयान पर भी सवाल
त्रिवेदी ने रेवंत रेड्डी के एक अन्य कथित बयान का उल्लेख करते हुए उनके 'द्रविड़ियन' और 'आर्यन' से जुड़े विचारों पर भी सवाल उठाया। भाजपा नेता ने इस तरह की व्याख्या को निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने ही नेताओं के विचारों और इतिहास को समझना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं संपूर्णानंद और केएम मुंशी का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में प्रांत, भाषा और जाति के आधार पर समाज को विभाजित करने की कोशिश दिखाई देती है। इन टिप्पणियों को भाजपा के राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।
'स्मैश पेट्रीआर्की' बयान का भी मुद्दा उठाया
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के 'स्मैश पेट्रीआर्की' वाले बयान का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला और पुरुष के बीच भी विभाजन की राजनीति करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया अलग-अलग मामलों में समान क्यों नहीं दिखाई देती। इस दौरान उन्होंने केरल में महिलाओं को लेकर एक धार्मिक पदाधिकारी की कथित टिप्पणी का भी संदर्भ दिया और कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया।
भगवानों को लेकर बयान पर भाजपा का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सुधांशु त्रिवेदी ने रेवंत रेड्डी के राम और शिव से जुड़े कथित बयान को कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अब धार्मिक प्रतीकों को भी राजनीतिक विभाजन का आधार बना रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर-दक्षिण, भाषा और जाति के बाद अब भगवानों को लेकर भी विभाजन की स्थिति बनाई जा रही है। भाजपा की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से इस रिपोर्ट में कोई विस्तृत प्रतिवाद सामने नहीं आया है।








