Anthropic IPO Race: Anthropic का IPO, 2 ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन का लक्ष्य

Anthropic का IPO, 2 ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन का लक्ष्य
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Neel Saxena

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0 सेकंड पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

Neel Saxena

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6 मिनट पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Sneha Menon

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1 घंटे पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

Kabir Shukla

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2 घंटे पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Anika Rajput

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4 घंटे पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

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Anthropic के IPO की तैयारी

AI कंपनी Anthropic शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी का Claude AI मॉडल तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बीच उसके IPO से जुड़े दस्तावेजों में कारोबार, खर्च, घाटे और भविष्य की योजनाओं की कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक Anthropic 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की वैल्यूएशन हासिल करने का लक्ष्य रख रही है। यदि कंपनी इस स्तर तक पहुंचती है तो उसकी संभावित वैल्यूएशन SpaceX की बताई गई 1.77 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन से भी ज्यादा हो सकती है। हालांकि इतनी बड़ी वैल्यूएशन के साथ कंपनी के सामने AI मॉडल को विकसित और संचालित करने की भारी लागत भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई ।

 

2025 में बढ़ी आमदनी, लेकिन भारी घाटा

 में आमदनी करीब 4.6 अरब डॉलर रही, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 12 गुना अधिक बताई गई है। इसके बावजूद कंपनी ने करीब 42 अरब डॉलर का नेट लॉस दर्ज किया। इस घाटे का बड़ा हिस्सा नकद खर्च से संबंधित नहीं था। करीब 34 अरब डॉलर का हिस्सा ऐसे अकाउंटिंग चार्ज से जुड़ा बताया गया है, जो भविष्य में शेयरों में बदली जा सकने वाली फाइनेंसिंग की अनुमानित कीमत बढ़ने से आया। वहीं कंपनी का ऑपरेटिंग लॉस 8 अरब डॉलर से अधिक रहा, जिससे AI कारोबार में तेजी से बढ़ती आय के साथ बढ़ते खर्च का अंतर भी सामने आता है।

 

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर का खर्च

AI मॉडल को ट्रेन करने और उन्हें लगातार चलाने के लिए बड़ी कंप्यूटिंग क्षमता और महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। Anthropic ने 2025 में कंप्यूटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 7.33 अरब डॉलर खर्च किए, जो 2024 की तुलना में लगभग तीन गुना था। यह खर्च कंपनी के कुल 12.65 अरब डॉलर के ऑपरेटिंग खर्च के आधे से अधिक रहा। 31 दिसंबर तक कंपनी के पास करीब 20.28 अरब डॉलर की नकदी, नकदी के बराबर संपत्तियां और शॉर्ट-टर्म निवेश थे। इसके बावजूद आने वाले वर्षों में क्लाउड, कंप्यूटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 518 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत बताई गई है।

 

2021 में हुई थी Anthropic की शुरुआत

Anthropic की स्थापना 2021 में डारियो अमोदेई और डेनिएला अमोदेई ने की थी। दोनों इससे पहले OpenAI के साथ काम कर चुके हैं। कंपनी ने 2023 में Claude AI मॉडल लॉन्च किया और इसके बाद Google तथा Amazon जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने इसमें निवेश किया। कंपनी की वैल्यूएशन मार्च 2025 में करीब 61.5 अरब डॉलर थी, जो सितंबर 2025 में 183 अरब डॉलर तक पहुंची। इसके बाद फरवरी 2026 में वैल्यूएशन करीब 380 अरब डॉलर और मई 2026 में लगभग 965 अरब डॉलर बताई गई। इससे AI कंपनियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि और Anthropic के कारोबार के तेज विस्तार का पता चलता है।


 

IPO दस्तावेजों में AI जोखिमों का जिक्र

Anthropic के IPO दस्तावेजों में AI तकनीक से जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर भी चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने बताया है कि अधिक उन्नत AI मॉडल की ट्रेनिंग के दौरान ऐसे व्यवहार या क्षमताएं सामने आ सकती हैं जिनका पहले अनुमान लगाना मुश्किल हो। दस्तावेजों में मॉडल के बंद किए जाने का विरोध करने, जानकारी छिपाने या उसमें हेरफेर करने जैसे संभावित जोखिमों का भी उल्लेख किया गया है। कंपनी के लिए AI विकास की गति के साथ सुरक्षा और नियंत्रण से जुड़े मुद्दों को संभालना भी महत्वपूर्ण चुनौती बनता जा रहा है।

 

 

AI की रफ्तार और सुरक्षा के बीच चुनौती

Anthropic के CEO डारियो अमोदेई पहले भी अधिक शक्तिशाली AI क्षमताओं को विकसित करने की गति को लेकर सावधानी बरतने की बात कह चुके हैं। उनका कहना है कि नई AI क्षमताओं को जारी करने की गति ऐसी होनी चाहिए कि सुरक्षा पर पर्याप्त काम किया जा सके। दूसरी ओर कंपनी का मानना है कि AI क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के बीच आगे बने रहने के लिए नए और बेहतर मॉडल लगातार विकसित करना जरूरी है। ऐसे में Anthropic के सामने एक तरफ तेजी से बढ़ते कारोबार और संभावित 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की वैल्यूएशन का लक्ष्य है, तो दूसरी तरफ भारी कंप्यूटिंग लागत, निवेश की जरूरत और AI सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को संभालने की चुनौती भी बनी  हुई है।

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Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

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