दतिया में प्रचार थमेगा, मुकाबला रोमांचक: दतिया उपचुनाव में साख की जंग

Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Payal jadon
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज शाम 5 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस ने अंतिम दिन पूरी ताकत झोंक दी है। यह उपचुनाव प्रदेश की राजनीति के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल इसे अपनी साख से जोड़कर देख रहे हैं। अब प्रचार थमने के बाद उम्मीदवार केवल घर-घर जनसंपर्क कर सकेंगे।
भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर, स्थानीय मुद्दे बने चुनाव का केंद्र
दतिया सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है। भाजपा डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों, सड़क, बिजली और बुनियादी ढांचे के नाम पर वोट मांग रही है। वहीं कांग्रेस खाद-बीज की कमी, फसल नुकसान, किसानों की समस्याओं और ओबीसी आरक्षण जैसे स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर सरकार को घेर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मतदाता पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से अधिक स्थानीय समस्याओं को महत्व दे रहे हैं।
निष्पक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग का बड़ा एक्शन
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। आयोग ने दतिया जिले के 6 थाना प्रभारियों सहित 14 पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार वाहनों की जांच कर रही हैं, जिसके दौरान अब तक ₹36 लाख से अधिक की नकदी जब्त की जा चुकी है। चुनाव आयोग की निगरानी में संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
हमले की घटना के बाद बढ़ी सुरक्षा, आईजी ने संभाला मोर्चा
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की गाड़ी पर कथित हमले की घटना सामने आने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। चंबल संभाग के आईजी सचिन अतुलकर स्वयं दतिया में कैंप कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
ओबीसी और ग्रामीण वोटरों पर सभी दलों की नजर
दतिया में ओबीसी मतदाताओं की बड़ी संख्या चुनावी परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। कांग्रेस 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है, जबकि भाजपा विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदायों की बैठकों के माध्यम से समर्थन जुटाने में लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की समस्याएं और आदिवासी इलाकों का रुझान भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक माना जा रहा है।
30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे
निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रचार समाप्त होने के बाद सभी दल बूथ प्रबंधन और मतदाताओं तक अंतिम जनसंपर्क पर ध्यान केंद्रित करेंगे। दतिया का चुनाव परिणाम न केवल इस सीट का प्रतिनिधि तय करेगा, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में भी महत्वपूर्ण संदेश देने वाला माना जा रहा है।








