मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं को दिया तोहफा: रक्षाबंधन पर मिली किस्त

Diya Gupta
1 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ayaan Khan
1 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Sonu rai
2 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ayaan Khan
5 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Anika Rajput
5 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Harsh Pandya
7 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ishaan Tiwari
8 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Priya Iyer
8 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Nidhi kumari
10 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Anil Sen
10 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता जारी की है। यह राशि मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत लाभार्थियों को दी जा रही है। सरकार ने त्योहार से पहले सहायता राशि उपलब्ध कराने का फैसला किया। इसका उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक मदद पहुंचाना है। योजना के तहत सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित है। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
1.37 लाख सत्कार सखियों को ₹52.20 करोड़
गोइंडवाल साहिब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा भुगतान किया। योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने वाली 1.37 लाख सत्कार सखियों के बैंक खातों में ₹52.20 करोड़ ट्रांसफर किए गए। सरकार ने इन महिलाओं के योगदान की सराहना की। सत्कार सखियों ने योजना से जुड़ी जानकारी और पंजीकरण प्रक्रिया को लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। डिजिटल माध्यम से राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई। सरकार के मुताबिक इससे योजना के क्रियान्वयन को और मजबूती मिलेगी।
सामान्य वर्ग को ₹3,000 की संयुक्त किस्त
मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह दिए जाते हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर तीन महीने की राशि एक साथ जारी की गई है। इसके तहत पात्र महिलाओं के खातों में ₹3,000 की संयुक्त किस्त पहुंचाई गई। सरकार ने भुगतान को त्योहार से पहले जारी करने का फैसला किया। इससे लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। नए पंजीकरण कराने वाली पात्र महिलाओं को भी योजना का लाभ देने की बात कही गई है।
SC महिलाओं को ₹4,500 की किस्त
अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं के लिए योजना के तहत ₹1,500 प्रति माह की सहायता निर्धारित है। तीन महीने की संयुक्त किस्त के रूप में उनके खातों में ₹4,500 भेजे गए हैं। सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इसका लाभ योजना के नियमों के अनुसार पात्र महिलाओं को मिलेगा। सरकार का कहना है कि सहायता राशि से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी। महिला कल्याण से जुड़ी इस योजना को पंजाब सरकार अपनी प्रमुख योजनाओं में शामिल कर रही है।
76 लाख से ज्यादा महिलाओं का पंजीकरण
मुख्यमंत्री के अनुसार योजना के तहत अब तक 76.11 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से 68.06 लाख से ज्यादा लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि पहुंचाई जा चुकी है। सरकार के मुताबिक अब तक ₹2,381 करोड़ से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों को दी गई है। योजना के विस्तार के लिए लगातार नए पंजीकरण किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य पंजाब की करीब एक करोड़ महिलाओं को इसके दायरे में लाना है। इसके जरिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का दावा किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
भगवंत मान सरकार ने योजना को महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सहायता से जोड़कर पेश किया है। सरकार का कहना है कि पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक मदद उपलब्ध कराने से उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। रक्षाबंधन पर अग्रिम किस्त जारी करने को भी इसी पहल का हिस्सा बताया गया है। योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं तक सीधे बैंक खाते के जरिए सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने योजना को आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। पंजाब में महिला कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को लेकर यह योजना राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बनी हुई है।







