84 घंटे बाद मिला आखिरी शव: पुणे-मोशी कचरा डिपो हादसे में 9 की मौत,14 कर्मचारी बचे

पुणे-मोशी कचरा डिपो हादसे में 9 की मौत,14 कर्मचारी बचे
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Reyansh Joshi

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0 सेकंड पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Dev Kapoor

Dev Kapoor

0 सेकंड पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Ravi sinha

Ravi sinha

0 सेकंड पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

18 मिनट पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

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पुणे के मोशी कचरा डिपो में हुए भीषण हादसे के बाद करीब 84 घंटे तक चले संयुक्त बचाव अभियान का समापन हो गया। रविवार देर रात करीब 1:30 बजे मलबे से आखिरी लापता कर्मचारी वामन कसबे का शव बरामद किया गया। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की कुल संख्या 9 हो गई। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) के अनुसार, दुर्घटना के समय इमारत में कुल 23 कर्मचारी मौजूद थे।


14 लोगों की जान बची, 9 कर्मचारियों की मौत
मूसलाधार बारिश के दौरान 'लेगसी वेस्ट' का विशाल ढेर तीन मंजिला प्रशासनिक भवन पर गिर गया, जिससे पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। NDRF, सेना, दमकल विभाग और स्थानीय बचाव दल ने संयुक्त अभियान चलाकर 14 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन दुर्भाग्यवश 9 कर्मचारियों की जान नहीं बचाई जा सकी।


बिना पूर्ण ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट चल रही थी इमारत
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भवन के केवल ग्राउंड फ्लोर को ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मिला था, जबकि ऊपरी मंजिलों में भी प्रशासनिक कार्य संचालित किए जा रहे थे। अब यह जांच की जा रही है कि बिना पूर्ण OC के तीन मंजिला इमारत में कार्यालय संचालन की अनुमति किसने और किन परिस्थितियों में दी।

 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच तेज
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री के निर्देश के बाद PCMC प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही मोशी डिपो में वर्षों से जमा लेगसी वेस्ट के वैज्ञानिक निपटारे (बायोमाइनिंग) की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।


मलबा हटाने और सुरक्षा सुधार का कार्य जारी
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद अब दुर्घटनास्थल से अस्थिर कंक्रीट ढांचों और कचरे के विशाल ढेर को हटाने का काम जारी है। विशेषज्ञों की निगरानी में पूरे क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो।


पीड़ित परिवारों को मुआवजा, प्रशासन पर उठे सवाल
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर प्रशासन की लापरवाही को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा का आश्वासन दिया है।

 

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Reyansh Joshi

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Dev Kapoor

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0 सेकंड पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Ravi sinha

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0 सेकंड पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

18 मिनट पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

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