10 में 1 भारतीय को कैंसर का खतरा: WHO ने रोकथाम और जल्द जांच पर दिया जोर

WHO ने रोकथाम और जल्द जांच पर दिया जोर
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Payal jadon

Payal jadon

0 सेकंड पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की विशेष कैंसर एजेंसी इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) की नवीनतम GLOBOCAN रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर 10 में से लगभग 1 व्यक्ति को 75 वर्ष की आयु से पहले कैंसर होने का खतरा है। वहीं 100 में लगभग 7 लोगों की इस बीमारी से 75 वर्ष से पहले मृत्यु होने का जोखिम बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कैंसर सार्वजनिक स्वास्थ्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में तेजी से शामिल हो रहा है।


स्तन कैंसर सबसे आम, फेफड़ों का कैंसर सबसे घातक
रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। वर्ष 2022 में इसके 1,92,020 नए मामले दर्ज किए गए। वहीं फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) भारत में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। पुरुषों में होंठ और मुख (Oral) कैंसर के मामले सबसे अधिक सामने आए हैं, जिसका प्रमुख कारण तंबाकू और धूम्रपान माना गया है।


हर साल लाखों नए मरीज और मौतें
GLOBOCAN के अनुमान के अनुसार, 2022 में भारत में लगभग 14.13 लाख नए कैंसर मामले सामने आए, जबकि 9.16 लाख से अधिक लोगों की मौत इस बीमारी से हुई। WHO की Global Status Report on Cancer 2026 के अनुसार, 2024 में नए मामलों की संख्या बढ़कर लगभग 16 लाख तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि रोकथाम के प्रयास तेज नहीं हुए तो 2050 तक भारत में हर वर्ष करीब 28 लाख नए कैंसर मामले सामने आ सकते हैं।

 

 ये हैं भारत के सबसे आम कैंसर
रिपोर्ट के अनुसार भारत में सबसे अधिक पाए जाने वाले पांच कैंसर हैं— स्तन कैंसर, होंठ और मुख का कैंसर, सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर, फेफड़ों का कैंसर और ग्रासनली (Esophageal) कैंसर। ये पांचों मिलकर देश में कैंसर के लगभग आधे मामलों और मौतों के लिए जिम्मेदार हैं।


जीवनशैली और तंबाकू बड़ी वजह
WHO के अनुसार, भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे तंबाकू सेवन, धूम्रपान, मोटापा, अस्वस्थ खानपान, शारीरिक निष्क्रियता, शराब का सेवन, वायु प्रदूषण, HPV, हेपेटाइटिस-B और C संक्रमण तथा हेलिकोबैक्टर पाइलोरी जैसे जोखिम कारक प्रमुख हैं। रिपोर्ट का अनुमान है कि करीब 40% कैंसर मामलों को सही जीवनशैली, टीकाकरण और समय पर जांच के माध्यम से रोका जा सकता है।


WHO ने रोकथाम और जल्द पहचान पर दिया जोर
WHO और IARC ने भारत में कैंसर नियंत्रण के लिए रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग, जल्द निदान और बेहतर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल इलाज पर नहीं, बल्कि जागरूकता, शुरुआती जांच और जोखिम कारकों को कम करने पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा, ताकि भविष्य में बढ़ते कैंसर बोझ को नियंत्रित किया जा सके।

 

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Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

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