Lawyers Protest Over EVM: EVM के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन

Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Dhruv Bhatt
25 मिनट पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Arjun Singh
1 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
दिल्ली में 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के पास वकीलों और कार्यकर्ताओं ने EVM व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। इस दौरान चुनाव आयोग की मौजूदा चुनाव व्यवस्था को लेकर भी नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से EVM के स्थान पर पेपर बैलेट से मतदान कराने की मांग रखी गई। यह मांग फिलहाल प्रदर्शनकारियों का पक्ष है, इसे चुनाव आयोग की स्वीकार की गई स्थिति के रूप में नहीं देखा जा सकता।
पेपर बैलेट व्यवस्था बहाल करने की मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर चर्चा जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक पेपर बैलेट व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि मतदान प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच विश्वास और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पास प्रदर्शन किया गया। हालांकि, चुनाव आयोग मौजूदा व्यवस्था में EVM के साथ VVPAT का इस्तेमाल करता है।
चुनाव आयोग की EVM VVPAT व्यवस्था
मौजूदा चुनाव व्यवस्था में EVM के साथ VVPAT प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग के अनुसार VVPAT में मतदाता को उम्मीदवार का नाम, क्रमांक और चुनाव चिह्न वाली पर्ची दिखाई देती है। आयोग मतदान प्रक्रिया में EVM और VVPAT की जांच तथा रैंडमाइजेशन जैसी प्रक्रियाओं का भी प्रावधान बताता है। वहीं प्रदर्शनकारी इन व्यवस्थाओं के बावजूद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। दोनों पक्षों की दलीलों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
10 अक्टूबर से जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान
प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों ने 10 अक्टूबर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का ऐलान किया है। प्रस्तावित आंदोलन के जरिए EVM के इस्तेमाल के खिलाफ अभियान चलाने और पेपर बैलेट की मांग को आगे बढ़ाने की बात कही गई है। हालांकि यह आगामी कार्यक्रम है और इसकी आगे की स्थिति आयोजकों तथा प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर करेगी। फिलहाल 17 सितंबर का प्रदर्शन हो चुका है।
चुनाव आयोग के खिलाफ FIR की मांग का दावा
प्रदर्शन से जुड़े आपके इनपुट में चुनाव आयोग के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए संसद मार्ग थाने में ज्ञापन देने की बात कही गई है। लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट में इस ज्ञापन के जमा होने या FIR दर्ज होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इसे खबर में पुष्ट घटना के रूप में शामिल करना उचित नहीं होगा। यदि पुलिस या प्रदर्शनकारियों की ओर से आधिकारिक शिकायत की पुष्टि सामने आती है तो खबर को उस आधार पर अपडेट किया जा सकता है।
EVM पर जारी है सार्वजनिक बहस
EVM और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा लगातार सार्वजनिक बहस का विषय रहा है। एक ओर प्रदर्शनकारी पेपर बैलेट की वापसी की मांग कर रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग EVM-VVPAT व्यवस्था और उससे जुड़ी सुरक्षा प्रक्रियाओं पर अपना पक्ष रखता है। 17 सितंबर का प्रदर्शन इसी बहस का एक नया घटनाक्रम है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग पेपर बैलेट व्यवस्था की वापसी और चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता को लेकर है।







