Delivery Rider Injured In Jajmau: कानपुर में खुले गड्ढे में गिरा डिलीवरी बॉय
Pihu Agarwal
3 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Vaishali shinde
4 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Monika Das
15 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Anil Sen
16 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Kabir Shukla
16 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Sai Mehta
18 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
कानपुर के जाजमऊ स्थित हिंदुस्तान कंपाउंड में मंगलवार 15 सितंबर की देर रात एक डिलीवरी बॉय बाइक समेत सड़क पर खुले पड़े गड्ढे में जा गिरा। रात के अंधेरे में सड़क पर मौजूद करीब चार से पांच फीट गहरा गड्ढा युवक को दिखाई नहीं दिया। बाइक समेत गड्ढे में गिरने से युवक घायल हो गया। हादसे के बाद उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया।
हेलमेट पहनने से सिर में गंभीर चोट से बचाव
हादसे के समय युवक ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट नहीं आई। रिपोर्टों के मुताबिक युवक को शरीर में चोटें आईं और उसकी नाक की हड्डी में चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले गए। घायल युवक की पहचान स्थानीय रिपोर्टों में 27 वर्षीय नितिन गुप्ता के रूप में बताई गई है। हालांकि उसकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
CCTV कैमरे में कैद हुआ हादसा
हिंदुस्तान कंपाउंड में लगे CCTV कैमरे में हादसे का पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड होने की जानकारी सामने आई है। फुटेज में बाइक सवार युवक सड़क से गुजरता दिखाई देता है और कुछ ही सेकंड बाद बाइक समेत खुले गड्ढे में गिर जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी, जिससे गड्ढा दूर से दिखाई नहीं दे रहा था। हादसे के बाद CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया।
सीवर लाइन की मरम्मत के बाद खुला रह गया गड्ढा
स्थानीय निवासियों के अनुसार सड़क के नीचे मौजूद पाइपलाइन में खराबी के बाद करीब 15 दिन पहले मरम्मत का काम किया गया था। लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन ठीक करने के बाद सड़क पर बने गड्ढे को पूरी तरह नहीं भरा गया। गड्ढा करीब 11 मीटर लंबा और कई फीट गहरा बताया गया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा बैरिकेडिंग नहीं होने से रात में खतरा और बढ़ गया था।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों ने सड़क पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि खुले गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होती तो हादसा टाला जा सकता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले भी राहगीरों और बाइक सवारों के गिरने की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने संबंधित विभाग और नगर निगम से सड़क को सुरक्षित कराने की मांग की।
हादसे के बाद गड्ढा भरने और बैरिकेडिंग की जानकारी
हादसे के बाद स्थानीय पार्षद की ओर से गड्ढे में मिट्टी भरवाने और बैरिकेडिंग कराने की जानकारी सामने आई है। पार्षद के अनुसार चैंबर से जुड़ा बाकी काम भी जल्द पूरा कराया जाएगा। इस घटना ने सीवर लाइन की मरम्मत के बाद सड़क की बहाली और रात में प्रकाश व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। फिलहाल युवक के इलाज और सड़क की स्थायी मरम्मत से जुड़ी आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।








