पटना में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल: 3 मांगों पर बनी सहमति, फिर भी जारी आंदोलन

Sonu rai
2 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Sai Mehta
2 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Nidhi kumari
2 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ada khan
2 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Dhruv Bhatt
3 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Anjali Patil
3 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Sneha Menon
3 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Nisha Shah
3 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Ritika Ghosh
3 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Sneha Menon
4 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Neel Saxena
4 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Riya Jain
4 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ayaan Khan
4 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Payal jadon
4 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Kunal Rao
5 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Krishna Yadav
5 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Saanvi Pandey
5 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Yash Kulkarni
5 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Myra Dubey
5 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Dev Kapoor
6 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Diya Gupta
6 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Anjali Patil
6 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aditya Verma
6 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Nidhi kumari
6 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Ishaan Tiwari
7 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Myra Dubey
7 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ravi sinha
7 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Shruti Bajpai
7 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Dhruv Bhatt
7 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Harsh Pandya
7 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Anjali Patil
7 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Aarav Sharma
7 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Anil Sen
7 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Neel Saxena
7 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Rohan Desai
7 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Pooja Reddy
7 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Neel Saxena
7 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Vihaan Patel
9 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Anjali Patil
9 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Trapti Tanwar
9 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Tanya Bajaj
9 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Aryan Malhotra
9 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Pranav Srivastava
10 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Dev Kapoor
10 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Vaishali shinde
10 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Diya Gupta
11 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
राजधानी पटना में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर निकाय के सफाई कर्मियों और दैनिक मजदूरों की हड़ताल लगातार 8वें दिन भी जारी रही, जिसके चलते सड़कों, गलियों, बाजारों और मोहल्लों में कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं। बदबू और गंदगी से परेशान लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सफाई व्यवस्था कब सामान्य होगी।
सफाई कर्मचारियों की 3 मांगों पर बनी सहमति
पटना नगर निगम और सफाई कर्मचारियों के बीच बातचीत के बाद तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है।बुधवार शाम मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक के बाद नगर निगम ने तीनों मांगों को मंजूरी देते हुए प्रस्ताव सरकार को भेजने का फैसला किया है।नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि बातचीत सकारात्मक रही है।अब अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाएगा।इसके बाद ही हड़ताल खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने की मांग
सफाई कर्मचारियों की पहली बड़ी मांग नगर निकायों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने की है।कर्मचारियों का आरोप है कि निजी एजेंसियों के जरिए काम कराने से उनका शोषण हो रहा है।उनका कहना है कि सफाई का काम स्थायी प्रकृति का है, इसलिए इसे सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से कराया जाना चाहिए।नगर निगम नेसरकार से नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगने का फैसला किया है।यदि सरकार अनुमति देती है तो कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।इस मुद्दे पर अंतिम फैसला सरकार को करना है।
स्थायी कर्मचारी का दर्जा और वेतन समानता की मांग
सफाई कर्मचारियों की दूसरी प्रमुख मांग सभी दैनिक कर्मियों को स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की है।कर्मचारियों का कहना है कि पहले भी कई सफाई कर्मियों को नियमित किया गया है।उन्होंने मांग की है कि बाकी कर्मचारियों को भी समान अवसर दिया जाए।इसके अलावा समान वेतन लागू करने की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है।कर्मचारी एसीपी और एमएसीपी जैसी लंबित प्रक्रियाओं को लागू करने की मांग कर रहे हैं।नगर निगम ने इन मुद्दों पर सरकार को पत्र भेजने की बात कही है।
पटना की सड़कों पर जमा हुआ कचरा, लोग परेशान
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सबसे ज्यादा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है।पटना की कई सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं।हजारों टन कचरा जमा होने से लोगों को बदबू और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।नगर निगम ने सफाई व्यवस्था सामान्य करने के लिए प्रयास तेज करने की बात कही है।लेकिन कर्मचारियों के काम पर लौटने तक स्थिति पूरी तरह सुधरने की संभावना कम है।
महापौर और नगर आयुक्त ने जल्द समाधान की उम्मीद जताई
पटना की महापौर सीता साहू ने कहा कि नगर निगम सफाई व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है।उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार और अधिकारियों से बातचीत जारी है।महापौर ने उम्मीद जताई कि जल्द ही हड़ताल खत्म होगी और शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटेगी।नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने भी बातचीत को सकारात्मक बताया।उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों का जल्द काम पर लौटना जरूरी है।प्रशासन लगातार समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।
सफाईकर्मी बोले- सम्मान और अधिकार की लड़ाई
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मचारी नेता मोहन पासवान ने कहा कि यह आंदोलन केवल वेतन बढ़ाने के लिए नहीं है।उन्होंने इसे सम्मान और अधिकार की लड़ाई बताया।उनका कहना है कि वर्षों से काम कर रहे हजारों कर्मचारी अभी भी अस्थायी स्थिति में हैं।जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।सफाई कर्मचारियों ने सभी नगर निकायों में हड़ताल जारी रखने की बात कही है।अब नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।





