JPSC घोटाले में CID की बड़ी कार्रवाई: रांची और लखनऊ से 5 आरोपी गिरफ्तार; कुल गिरफ्तारी 19 हुई

Navya Nair
19 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Kavya Mishra
20 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ayaan Khan
20 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Sneha Menon
20 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ayaan Khan
20 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Neel Saxena
20 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Vivaan Gupta
20 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Rohan Desai
20 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Kavya Mishra
20 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Krishna Yadav
1 दिन पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Anika Rajput
1 दिन पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ravi sinha
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Pihu Agarwal
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Pihu Agarwal
1 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Dhruv Bhatt
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Kabir Shukla
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Yash Kulkarni
1 दिन पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Riya Jain
1 दिन पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Anika Rajput
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Anil Sen
1 दिन पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Aarav Sharma
1 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Ada khan
1 दिन पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Diya Gupta
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Sai Mehta
1 दिन पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Kunal Rao
1 दिन पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Aarav Sharma
1 दिन पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Arjun Singh
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Pooja Reddy
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Arjun Singh
1 दिन पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। CID ने झारखंड की राजधानी रांची और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक साथ छापेमारी कर 5 नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
रांची और लखनऊ में CID की छापेमारी, पांच आरोपी गिरफ्तार
JPSC परीक्षा घोटाले की जांच में CID लगातार नए खुलासे कर रही है।22 जुलाई 2026 को दर्ज CID थाना कांड संख्या 16/2026 के आधार पर यह कार्रवाई की गई।जांच एजेंसी को डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।CID ने रांची और लखनऊ में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर पांच लोगों को पकड़ा।अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है और कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।मामले में अब तक कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
परीक्षा कंपनी के कर्मचारी और एजेंट पर भी कार्रवाई
CID की जांच में परीक्षा आयोजन से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आ रही है।गिरफ्तार आरोपियों में उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, धर्मेंद्र कुमार और रक्षक सिंह शामिल हैं।जांच के अनुसार उमाकांत उरांव और अन्य आरोपियों पर परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल का आरोप है।वहीं लखनऊ से गिरफ्तार रक्षक सिंह परीक्षा कराने वाली कंपनी TDPL से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।CID को आशंका है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े नेटवर्क ने कथित तौर पर गड़बड़ी को अंजाम दिया।एजेंसी सभी आरोपियों की भूमिका और संपर्कों की जांच कर रही है।
डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ी
CID ने इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों को अहम आधार बनाया है।छापेमारी के दौरान आरोपियों के ठिकानों से डिजिटल डिवाइस, एप्लीकेशन लॉग और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।जांच टीम इन डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा था।CID अधिकारियों के अनुसार सबूतों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।मामले में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है।
मास्टरमाइंड और JPSC अधिकारी पहले ही गिरफ्तार
JPSC घोटाले में CID पहले ही कई अहम आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।इसमें JPSC की डिप्टी परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और कथित मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी शामिल हैं।अभय कुमार तिवारी पर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की साजिश रचने का आरोप है।इसके अलावा JPSC के पूर्व अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर को भी जांच के दायरे में लिया गया है।CID लगातार आरोपियों के बीच कनेक्शन और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है।जांच एजेंसी जल्द ही मामले में और खुलासे कर सकती है।
छात्रों का आंदोलन जारी, परीक्षा रद्द करने की मांग
JPSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है।रांची के मोराबादी मैदान में छात्र निष्पक्ष जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं।प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।छात्रों ने सरकार से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की है।आंदोलन को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल को दी जांच की जानकारी
JPSC विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की।मुख्यमंत्री ने उन्हें जांच की वर्तमान स्थिति और सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देगी।दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा भी दिया गया।सरकार और जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।अब सभी की नजर CID की आगे की कार्रवाई और अंतिम रिपोर्ट पर है।




