सिक्किम टनल हादसे में 20 मजदूरों की मौत: सुरंग में भीषण धमाका, जहरीली गैस बनी काल

Payal jadon
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Ada khan
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain!
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Dhruv Bhatt
42 मिनट पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Aditya Verma
46 मिनट पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Ritika Ghosh
47 मिनट पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Anika Rajput
55 मिनट पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Payal jadon
57 मिनट पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Arjun Singh
1 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन 500 मेगावाट तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण विस्फोट और भूस्खलन ने बड़ा हादसा पैदा कर दिया। दुर्घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 5 अन्य मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं।यह हादसा समरडूंग क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुआ, जहां सुरंग निर्माण का कार्य चल रहा था। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत एजेंसियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।
मीथेन गैस विस्फोट से मची तबाही
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरंग की खुदाई के दौरान चट्टानों के बीच फंसी मीथेन गैस का पॉकेट अचानक फट गया। तेज धमाके के बाद सुरंग में जहरीला धुआं भर गया और छत का हिस्सा ढहने से कई मजदूर अंदर ही फंस गए।कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसों के फैलने से हालात और गंभीर हो गए। विस्फोट के बाद सुरंग के भीतर निकलने के अधिकांश रास्ते पूरी तरह बंद हो गए।
गैस और मलबे के बीच जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के समय सुरंग के भीतर 25 कर्मचारी, जिनमें प्रोजेक्ट अधिकारी भी शामिल थे, मौजूद थे। राहत टीम अब तक 12 शव बाहर निकाल चुकी है, जबकि बाकी मृतकों और लापता मजदूरों की तलाश लगातार जारी है।टनल में ऑक्सीजन की कमी, जहरीली गैस और जलभराव के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। NDRF, SDRF, स्थानीय पुलिस और DGMS की विशेषज्ञ टीमें अत्याधुनिक उपकरणों और गैस मास्क की मदद से अभियान चला रही हैं।
बचावकर्मियों के सामने बड़ी चुनौती
टनल के भीतर शून्य दृश्यता, जहरीली गैस और लगातार गिरते मलबे के कारण बचावकर्मियों को केवल सीमित समय के लिए अंदर भेजा जा रहा है। शुरुआती चरण में बिना सुरक्षा उपकरणों के अंदर गए कुछ बचावकर्मी भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए थे।फिलहाल पहले सुरंग से पानी निकाला जा रहा है, ताकि मलबे तक सुरक्षित पहुंच बनाई जा सके। हर कदम बेहद सावधानी के साथ उठाया जा रहा है।
सरकार ने किया मुआवजे और जांच का ऐलान
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने घटनास्थल का दौरा कर हादसे की उच्च स्तरीय जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद परियोजना स्थल पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है।राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से भी मृतकों के आश्रितों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।
पूरे देश की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर
हादसे में प्रभावित मजदूर सिक्किम के अलावा पश्चिम बंगाल, असम और उत्तराखंड समेत कई राज्यों से जुड़े बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्थिति की समीक्षा करते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।फिलहाल राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों तक जल्द से जल्द पहुंचना और हादसे के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच करना है।






