देशभर में भारी बारिश का कहर: उत्तराखंड में 172 सड़कें बंद

Pooja Reddy
3 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Vaishali shinde
4 घंटे पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Nisha Shah
7 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Harsh Pandya
10 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain!
Myra Dubey
11 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में मंगलवार को 12 लोगों की मौत की सूचना है। राज्य के कई इलाकों में सड़कें बंद हैं और नदियां उफान पर हैं। नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून में आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
172 से ज्यादा सड़कें बंद, हाईवे खोलने में जुटी मशीनें
भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में 172 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। कई स्थानों पर लैंडस्लाइड के चलते मुख्य मार्ग भी बाधित हुए हैं। प्रशासन की टीमें और जेसीबी मशीनें मलबा हटाकर रास्ते खोलने में जुटी हैं। गौला और खकरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
नैनी झील का जलस्तर 88 फीट पार, चैनल खोले गए
नैनीताल में लगातार बारिश के चलते नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के बाद झील के चैनल खोल दिए गए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी की जा सके। रानीबाग क्षेत्र में गौला नदी का बहाव भी बेहद तेज हो गया है, जिससे आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
अल्मोड़ा में मलबे में दबने से मौतें, केदारनाथ यात्रा रोकी गई
अल्मोड़ा में बारिश और भूस्खलन से जुड़े हादसों में कई लोगों की जान गई है। इनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए सोनप्रयाग में केदारनाथ यात्रा को एहतियातन रोक दिया गया है। कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार में भी भारी बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। गंगा, पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजधानी पटना में सुबह से बारिश जारी है और मंगलवार को तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। भागलपुर में कटाव के कारण करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर गंगा में समा गया।
उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़े
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी भारी बारिश और बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सीतापुर में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि गाजीपुर में गंगा में नहाते समय दो नाबालिग बह गईं। बलिया में गंगा का पानी रिहायशी इलाकों में पहुंचने से करीब 20 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव के लिए नावों की मदद ली जा रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर फिर धंसी सड़क, 7 फीट गहरा गड्ढा
उन्नाव में भारी बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब 7 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इस मानसून में एक्सप्रेसवे के धंसने की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। घटना के बाद सड़क की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है।
चित्रकूट में मंदाकिनी उफान पर, रामघाट की दुकानें और होटल डूबे
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश हो रही है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए हैं, जिससे स्थानीय कारोबार और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सतना में स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भारी बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतना में 2 और 3 सितंबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
झारखंड के 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट
झारखंड में भी लगातार बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने गढ़वा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा समेत 10 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट के चलते प्रशासन को सतर्क किया गया है।
जमशेदपुर में नदियां उफान पर, निचले इलाकों में खतरा
पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में 217 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
कई राज्यों में बारिश बनी आफत, राहत-बचाव कार्य तेज
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन प्रभावित किया है। कहीं सड़कें और हाईवे बंद हैं तो कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भूस्खलन, जलभराव और बाढ़ के बीच प्रशासन और राहत-बचाव टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें तथा जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।





