Kohli Denies ₹5 Crore Claim: विराट कोहली ने आश्रम के लिए 5 करोड़ लेने के दावे को बताया झूठा

Anjali Patil
0 सेकंड पहलेHamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!
Taushif Shekh
1 घंटे पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
Ritika Ghosh
2 घंटे पहलेHamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!
Myra Dubey
3 घंटे पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Vaishali shinde
4 घंटे पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Vivaan Gupta
6 घंटे पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Rohan Desai
6 घंटे पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Myra Dubey
7 घंटे पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
5 करोड़ रुपये लेने के दावे पर विराट कोहली की सफाई
भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम की यात्रा के लिए 5 करोड़ रुपये लेने के दावे को खारिज कर दिया है। कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में इस दावे को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत बताया गया है।
कोहली की टीम ने आरोपों को किया खारिज
विराट कोहली की टीम ने कहा कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा की ओर से किए गए दावे का कोई आधार नहीं है। बयान में स्पष्ट किया गया कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा के कारण उनसे मिलने जाते हैं। टीम ने मीडिया से भी अपील की कि ऐसे दावों को रिपोर्ट करने या आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की जांच की जाए।
कोहली और अनुष्का कई बार जा चुके हैं आश्रम
विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा राधा केली कुंज आश्रम की नियमित यात्राएं करते रहे हैं। दोनों ने पहली बार 4 जनवरी 2023 को आश्रम का दौरा किया था। इसके बाद भी दोनों कई मौकों पर आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आश्रम जाने के लिए दोनों को पैसे दिए जाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है।
कैसे सामने आया 5 करोड़ रुपये का दावा
यह दावा प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की मौत के बाद सामने आया। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया था कि विराट कोहली को आश्रम आने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। हालांकि, कोहली की टीम ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए इसे तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है।
आश्रम से जुड़े मामले की पुलिस जांच जारी
प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े विवाद की शुरुआत उनके एक शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद हुई। 25 सितंबर को उनकी मौत की घटना सामने आई थी। मथुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले उनकी मानसिक स्थिति और व्यवहार में कोई बदलाव आया था या नहीं। पुलिस मोबाइल फोन, सिम कार्ड, कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अब तक इस मामले में 85 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।








