ऑपरेशन सिंदूर: आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी

Comments
No comments yet. Be the first!
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि इस सैन्य अभियान के दौरान भारतीय सेना केवल हवाई कार्रवाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान के खिलाफ जमीनी हमला (Ground Offensive) करने के लिए भी पूरी तरह तैयार थी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने कोई भी गलत कदम उठाया होता, तो भारतीय सेना सीमा पार कर निर्णायक कार्रवाई करने में जरा भी संकोच नहीं करती।
88 घंटे तक अलर्ट मोड में रही सेना
आर्मी चीफ ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान करीब 88 घंटे तक सेना पूरी तरह अलर्ट मोड में रही। इस दौरान थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच जबरदस्त तालमेल देखने को मिला, जिसने भारत की पारंपरिक और रणनीतिक सैन्य क्षमता को और मजबूत किया।
जवाबी कार्रवाई में 100 पाकिस्तानी सैनिक और 100+ आतंकी ढेर
जनरल द्विवेदी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी का भारतीय सेना ने सटीक और प्रभावी जवाब दिया। इस अभियान में करीब 100 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया गया, जबकि 100 से ज्यादा आतंकियों का भी सफाया किया गया। इनमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कई अहम चेहरे शामिल थे।
LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर के पास अब भी 8 आतंकी कैंप सक्रिय
सेना प्रमुख ने चेतावनी देते हुए कहा कि LoC के पार 6 और इंटरनेशनल बॉर्डर के पास 2 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। इन कैंपों में 100 से 150 आतंकियों की मौजूदगी की आशंका है। सेना सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए है और किसी भी हिमाकत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब था ऑपरेशन सिंदूर
आर्मी चीफ ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे, उसी के जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने POK और पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया।
22 मिनट की शुरुआती स्ट्राइक से बदले रणनीतिक समीकरण
जनरल द्विवेदी के अनुसार, ऑपरेशन की 22 मिनट की शुरुआती कार्रवाई और 10 मई तक चले 88 घंटे के अभियान ने क्षेत्रीय और सैन्य रणनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया।
ड्रोन गतिविधियों पर सेना की कड़ी नजर
ड्रोन गतिविधियों पर बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि हाल में देखे गए ड्रोन छोटे और रक्षात्मक थे, जिनका मकसद भारतीय सेना की सतर्कता को परखना था। उन्होंने साफ कहा कि अब ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
1963 का पाक-चीन शक्सगाम समझौता अवैध: आर्मी चीफ
जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान और चीन के बीच हुए 1963 के शक्सगाम घाटी समझौते को अवैध बताते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में किसी भी तरह की गतिविधि को स्वीकार नहीं करता। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को भी भारत अवैध मानता है।
ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी, हर दुस्साहस का मिलेगा जवाब
अंत में सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और भारत भविष्य में किसी भी आतंकी या सैन्य दुस्साहस का पूरी ताकत से जवाब देगा। सेना की आंखें और कान हर समय खुले हुए हैं।






