दिल्ली-NCR में धुंध का कहर: अक्षरधाम और बड़ाखंबा रोड पर AQI ‘सीवियर’ स्तर पर

अक्षरधाम और बड़ाखंबा रोड पर AQI ‘सीवियर’ स्तर पर

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दिल्ली-NCR एक बार फिर घने फॉग और जहरीले स्मॉग की चपेट में है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही राजधानी और आसपास के इलाकों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सुबह के समय सड़कों पर घनी धुंध की वजह से विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, कई जगहों पर यह लगभग शून्य दर्ज की गई। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा और ऑफिस जाने वाले लोगों, स्कूल बसों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘सीवियर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। अक्षरधाम क्षेत्र में AQI 493 तक पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है। वहीं, बड़ाखंबा रोड पर AQI 474 दर्ज किया गया, जहां स्मॉग की मोटी परत के कारण सड़क पर चल रहे वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई। कई जगहों पर सामने से आ रहे वाहन भी ठीक से नजर नहीं आए, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहा |

फॉग और स्मॉग की दोहरी मार से थमी रफ्तार
प्रदूषण विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की गति बेहद कम होने और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंसे हुए हैं। इसके अलावा, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल और आसपास के राज्यों में पराली जलाने के प्रभाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इन सभी कारणों से दिल्ली-NCR में फिलहाल प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है।

प्रदूषण से राहत नहीं, ठंड बढ़ने के आसार
हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत जरूर मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 17 दिसंबर की रात से एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश शुरू हो सकती है। इसके बाद उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।

स्वास्थ्य पर गंभीर असर, सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ‘सीवियर’ श्रेणी का AQI सांस की बीमारियों, आंखों में जलन, गले में खराश और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, नियमों का पालन करें
प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रैप (GRAP) के तहत लागू प्रतिबंधों का पालन करने की हिदायत दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की गति तेज नहीं होती या बारिश नहीं होती, तब तक दिल्ली-NCR को इस जहरीली हवा से राहत मिलना मुश्किल है।

कुल मिलाकर, दिल्ली-NCR के लोगों को आने वाले दिनों में प्रदूषण और ठंड—दोनों की दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

 

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