UPI Payment: यूपीआई पेमेंट होने के बाद भी नहीं मिले रूपये, जानें ऐसे में क्या करें और क्या नहीं

Vihaan Patel
4 घंटे पहलेIndustry mein itna bada change pehli baar dekha.
Vivaan Gupta
5 घंटे पहलेPoori team ko dil se congratulations!
Krishna Yadav
6 घंटे पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Pihu Agarwal
8 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Reyansh Joshi
9 घंटे पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Krishna Yadav
11 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
आज यूपीआई से पैसे भेजना बेहद आसान हो गया है। मोबाइल से कुछ ही सेकंड में किसी व्यक्ति या दुकानदार के खाते में पैसा भेजा जा सकता है। लगभग हर कोई इसका इस्तेमाल कर रहा है। पर कई बार ऐसा होता है कि आपके बैंक खाते से पैसे कट जाते हैं और यूपीआई एप पर दिखाता है कि पेमेंट पूरी हो चुकी है, लेकिन सामने वाला व्यक्ति कहता है कि उसके खाते में पैसे नहीं आए हैं। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप कुछ तरीके अपनाकर इस समस्या का हल पा सकते हैं। जानते हैं इस बारे में...
सबसे पहले ट्रांजैक्शन डिटेल चेक करें
जिस यूपीआई एप से आपने पेमेंट की है, उसमें जाकर ट्रांजैक्शन हिस्ट्री खोलें। फिर संबंधित पेमेंट यानी उस पेमेंट पर क्लिक करें जिसमें दिक्कत आ रही है और उसका स्टेटस देखें। यह भी देख लें कि यूपीआई ट्रांजैक्शन आईडी, राशि और जिस व्यक्ति को पैसे भेजे गए हैं, उसकी जानकारी सही है या नहीं। अगर आपके खाते से पैसे कट गए हैं, तो एक बार अपना बैलेंस जरूर चेक कर लें, सामने वाले के बैंक खाते को भी चेक करें। कई बार यूपीआई एप में पेमेंट का स्टेटस तुरंत अपडेट हो जाता है, लेकिन बैंक खाते में क्रेडिट दिखने में कुछ समय लग सकता है। इसलिए सामने वाले व्यक्ति से दोबारा बैंक बैलेंस या बैंक स्टेटमेंट चेक करने को कहें। सिर्फ एसएमएस नहीं आने का मतलब यह नहीं है कि पैसा खाते में नहीं पहुंचा है।
पैसे सामने वाले व्यक्ति को नहीं पहुंचे, तो क्या करें?
नियमों के अनुसार, अगर यूपीआई में आपके खाते से पैसा डेबिट हो गया है, लेकिन सामने वाले व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे क्रेडिट नहीं हुए हैं, तो ऐसी स्थिति में पैसे को ऑटो-रिवर्स किया जाना चाहिए। यूपीआई फंड ट्रांसफर के मामले में अगर सामने वाले व्यक्ति के खाते में पैसे क्रेडिट नहीं हो पाते हैं, तो बैंक को अधिकतम टी+1 (टी का मतलब उस दिन से है जिस दिन ट्रांजैक्शन) दिन के भीतर रकम वापस करनी होती है। अगर इस तय समय के बाद भी पैसे ग्राहक को वापस नहीं मिलते हैं, नियमों के तहत 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बैंक पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है।








