Baby Elephant Reunites With Mother: 7 घंटे बाद मां से मिला नन्हा हाथी, भावुक हुआ हर कोई

Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
सात घंटे बाद मां से मिला नन्हा हाथी
सोशल मीडिया पर एक नन्हे हाथी और उसकी मां के मिलन का भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, हाथी का बच्चा एक हादसे के दौरान अपनी मां से बिछड़ गया था। इसके बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने उसे सुरक्षित बचाने और उसकी मां तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया। करीब सात घंटे की मेहनत के बाद आखिरकार दोनों को फिर से मिलाने में सफलता मिली। इस घटना ने वन्यजीवों के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
पानी की टंकी में गिरने के बाद बिछड़े थे दोनों
भारतीय वन सेवा के अधिकारी परवीन कासवान के अनुसार, हाथी का बच्चा और उसकी मां पानी की एक टंकी में गिर गए थे। दोनों को बचाने के दौरान बच्चा अपनी मां से अलग हो गया। इसके बाद कर्सियांग वन प्रभाग के कर्मचारियों ने मां हाथी का पता लगाने और बच्चे को उससे मिलाने के लिए प्रयास शुरू किए। वन्यजीवों के व्यवहार और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए टीम ने सावधानी से रेस्क्यू अभियान आगे बढ़ाया।
मां को देखते ही उसके पास पहुंचा बच्चा
रेस्क्यू के बाद जब नन्हे हाथी को उसकी मां के पास पहुंचाया गया, तो दोनों के मिलन का भावुक दृश्य देखने को मिला। वायरल वीडियो में हाथी का बच्चा अपनी मां के करीब जाता और सूंड से उसे छूता दिखाई देता है। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी बेहद खास रहा। करीब सात घंटे तक चले प्रयास के बाद मां और बच्चे का दोबारा साथ आना वन विभाग की टीम की मेहनत का परिणाम बताया जा रहा है।
IFS अधिकारी ने साझा किया वीडियो
वन सेवा अधिकारी परवीन कासवान ने 25 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का वीडियो साझा किया। इसके बाद वीडियो को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। हाथी के बच्चे और उसकी मां के दोबारा मिलने के इस दृश्य ने वन्यजीव संरक्षण और बचाव कार्यों के महत्व को भी उजागर किया। यह घटना बताती है कि संकट में फंसे वन्यजीवों को सुरक्षित बचाने के लिए प्रशिक्षित टीम और धैर्यपूर्ण प्रयास कितने जरूरी हैं।








