दहेज हत्या केस में BDO गिरफ्तार: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का खुलासा, प्रेमिका भी गिरफ्तार

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बिहार के मुजफ्फरपुर में पत्नी अमृता कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में जाले प्रखंड के BDO मनोज कुमार को पुलिस ने 7 जुलाई 2026 की शाम गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अमृता का शव 3 जुलाई को मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित आवास से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की।
FIR में ₹10 लाख दहेज मांगने का आरोप
मृतका के भाई राजकुमार द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, 9 दिसंबर 2022 को हुई शादी के लगभग एक वर्ष बाद से ही BDO मनोज कुमार और उनके परिवार के सदस्य अमृता से ₹10 लाख दहेज की मांग कर रहे थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दहेज नहीं मिलने पर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने हत्या और दहेज प्रताड़ना के मामले की जांच शुरू की।
CCTV फुटेज से बढ़ीं जांच की कड़ियां
अमृता की मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक पुराना CCTV फुटेज सामने आया, जिसमें कथित तौर पर ससुराल पक्ष के लोग उन्हें घसीटते हुए 'बिहार सरकार' लिखी गाड़ी में बैठाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस वीडियो की भी जांच कर रही है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और घटना से उसके सीधे संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
महिला सब-इंस्पेक्टर से संबंध की जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि BDO मनोज कुमार का बेगूसराय में तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर के साथ कथित प्रेम संबंध था। जांच एजेंसियां इस पहलू को भी मामले से जोड़कर देख रही हैं। पुलिस ने मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त कर उनकी फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
कथित प्रेमिका भी गिरफ्तार
पुलिस ने 8 जुलाई 2026 को BDO की कथित प्रेमिका, महिला सब-इंस्पेक्टर को सीतामढ़ी जिले के सुरसंड क्षेत्र से हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
BDO ने खुद को बताया निर्दोष
पूछताछ के दौरान BDO मनोज कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उनकी पत्नी ने जहर खाकर आत्महत्या की थी। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य, CCTV फुटेज और अन्य गवाहों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।








