Journalists’ Complaint Probe: तीन महिला पत्रकारों की शिकायत क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर

Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Ayaan Khan
8 मिनट पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Pooja Reddy
1 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Ayaan Khan
2 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Nidhi kumari
4 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Saanvi Pandey
5 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
तीन महिला पत्रकारों की शिकायत क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर
दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों की ओर से लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ी शिकायतों को अपराध शाखा को सौंप दिया है। पुलिस के अनुसार, शिकायतों को निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को भेजा गया है। मामले में फिलहाल आरोपों की जांच की जा रही है और किसी आरोपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का अंतिम फैसला जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा।
एक महिला पत्रकार ने ACP पर लगाया आरोप
मामले में एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि वह विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही थीं, तभी सहायक पुलिस आयुक्त विवेक भगत ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। पत्रकार के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर सवाल किया था, जिसके बाद कथित घटना हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर भी अपनी शिकायत सामने रखी और आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचने के बावजूद लंबे समय तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
पुलिस ने शिकायत दर्ज होने और मेडिकल जांच की बात कही
दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया कि तीन महिलाओं ने शाम करीब 6 बजे खुद को पत्रकार बताते हुए हिरासत के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कथित हाथापाई से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज कराईं। पुलिस के अनुसार, शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं और शिकायतकर्ताओं की मेडिकल जांच भी कराई गई है। पुलिस ने मामले को आगे की निष्पक्ष जांच के लिए अपराध शाखा को भेजने की जानकारी दी है।
क्राइम ब्रांच करेगी आरोपों की जांच
पुलिस के अनुसार, अब अपराध शाखा शिकायतकर्ताओं और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज करेगी तथा उपलब्ध साक्ष्यों और फुटेज की जांच करेगी। दिल्ली पुलिस ने ऐसे लोगों से भी संबंधित वीडियो फुटेज साझा करने की अपील की है, जिनके पास प्रदर्शन के दौरान की रिकॉर्डिंग मौजूद है। इससे घटनाक्रम की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रदर्शन और हिरासत को लेकर पुलिस का पक्ष
डीसीपी नेहा यादव के अनुसार, क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने के बावजूद 3 अक्टूबर को एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित प्रतिबंधों के तहत जगह खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन पालन नहीं करने पर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस ने इसी दौरान शिकायतें मिलने की बात कही है।
प्रेस काउंसिल ने जताई चिंता
मामले पर भारतीय प्रेस परिषद ने प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर चिंता और निराशा जताई। परिषद ने दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकार की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने और पत्रकारों को बिना डर या दबाव के अपना काम करने का अवसर सुनिश्चित करने की अपील की। मामले की जांच अब अपराध शाखा द्वारा की जा रही है और आगे की कार्रवाई उसके निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।








