Flydubai Terror Attack: फ्लाईदुबई विमान हमले को आतंकी घटना माना

Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Ada khan
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Anika Rajput
1 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Pihu Agarwal
2 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Ishaan Tiwari
3 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Ravi sinha
4 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
यूएई ने हमले को आतंकी घटना बताया
फ्लाईदुबई विमान में भारतीय पायलट पर हुए हमले के मामले में संयुक्त अरब अमीरात के अभियोजन पक्ष ने इसे आतंकवादी घटना बताया है। अधिकारियों के अनुसार, ओमान के को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया और विमान को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की।
34 हजार फीट की ऊंचाई पर हुई घटना
रिपोर्ट के अनुसार, घटना के समय बोइंग 737 विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था और उसमें 24 बच्चों समेत 170 से अधिक यात्री सवार थे। आरोप है कि को-पायलट ने विमान का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। पायलट द्वारा उसे रोकने का प्रयास किए जाने के बाद कॉकपिट में हमला हुआ और विमान कुछ समय के लिए तेजी से नीचे आया।
कॉकपिट में मौजूद थी क्रैश कुल्हाड़ी
विमान के कॉकपिट में आपात स्थिति के लिए क्रैश कुल्हाड़ी रखी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी उपकरण का इस्तेमाल को-पायलट ने भारतीय पायलट पर हमला करने के लिए किया। घटना के बाद विमान की स्थिति को संभालने और हमलावर को रोकने के लिए क्रू तथा यात्रियों ने हस्तक्षेप किया।
भारतीय पायलट ने दिखाई सूझबूझ
रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद क्रू मेंबर और यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर आरोपी को काबू में किया। इस कार्रवाई के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से संभालने की कोशिश की गई।
मामले की जांच में जुटे अधिकारी
यूएई के अभियोजन पक्ष ने घटना को आतंकवादी हमला बताया है और आरोपी को-पायलट के विमान पर कब्जा करने के कथित मकसद की पुष्टि की है। घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। मामले में सामने आए आधिकारिक तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








