Jind Councillor Death Case: जींद के पूर्व पार्षद की मौत से पहले मिला सुसाइड नोट

Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Nisha Shah
43 मिनट पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Neel Saxena
1 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Nidhi kumari
2 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
पूर्व पार्षद की मौत के मामले में मिला सुसाइड नोट
हरियाणा के जींद में पूर्व पार्षद श्यामलाल की मौत के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब अंतिम संस्कार से ठीक पहले उनकी पत्नी को घर में एक सुसाइड नोट मिला। परिजन शव को श्मशान घाट ले जाकर चिता पर रख चुके थे। नोट मिलने की जानकारी सामने आने के बाद अंतिम संस्कार रोक दिया गया और शव को वापस अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घर में बेसुध मिले थे श्यामलाल
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर जींद के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र स्थित अपने घर में श्यामलाल बेसुध मिले थे। परिजन उन्हें जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार के मुताबिक, श्यामलाल पहले से बीमार रहते थे और शुरुआत में उनकी मौत को बीमारी से जोड़कर देखा गया था। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी।
चिता पर शव रखने के बाद मिली नोट की जानकारी
रविवार देर शाम परिजन श्यामलाल का शव सिविल लाइन थाने के पास स्थित श्मशान घाट ले गए थे। शव चिता पर रख दिया गया था और अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान घर पर मौजूद महिलाओं ने फोन कर कपड़ों में सुसाइड नोट मिलने की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया और शव को चिता से उठाकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस को सूचना देने के बाद परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग भी की। बाद में पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद वे पोस्टमार्टम के लिए सहमत हुए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
कारोबारी लेनदेन में एक करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने का आरोप
मृतक के बेटे कमल ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पिता श्यामलाल और शेयर मार्केट ट्रेडर एवं प्रॉपर्टी डीलर विकास बंसल मिलकर प्रॉपर्टी और शेयर बाजार से जुड़ा कारोबार करते थे। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2022 में श्यामलाल ने अपनी दुकान बेचकर कारोबार में 35 लाख रुपये लगाए थे। इसके बाद दोनों ने सुभाष नगर में करीब एक करोड़ रुपये का प्लॉट खरीदा। कमल का दावा है कि उनके पिता ने बाद में प्लॉट में अपना आधा हिस्सा 74 लाख रुपये में विकास बंसल को बेच दिया था।
50.87 लाख रुपये के हिसाब को लेकर भी विवाद
कमल के अनुसार, विकास बंसल ने 8 दिसंबर को उनके पिता को फोन पर 50 लाख 87 हजार रुपये से संबंधित जानकारी भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बकाया रकम मांगने पर कारोबारी लगातार टालमटोल कर रहा था। कमल ने बताया कि 5 अक्टूबर को हिसाब मांगने पर विकास ने अगले दिन रजिस्टर देखकर हिसाब करने की बात कही थी। इसके बाद 6 अक्टूबर को श्यामलाल हिसाब करने के लिए विकास के कार्यालय पहुंचे थे। बेटे का आरोप है कि वहां उनके पिता के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की गई तथा उन्हें धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दो बार पार्षद चुने गए थे श्यामलाल
श्यामलाल जींद के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से दो बार पार्षद चुने गए थे। जानकारी के अनुसार, वार्ड महिला के लिए आरक्षित होने पर उनके छोटे भाई की पत्नी भी पार्षद बनी थीं। इस तरह उनके परिवार ने लगातार तीन बार वार्ड का प्रतिनिधित्व किया था। पिछले चुनाव में परिवार की ओर से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा था। उनकी मौत के मामले में सुसाइड नोट सामने आने के बाद कारोबारी लेनदेन से जुड़े आरोप भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
पुलिस सुसाइड नोट और लेनदेन की जांच में जुटी
पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर मृतक के बेटे की शिकायत और कारोबारी लेनदेन से जुड़े आरोपों की जांच शुरू कर दी है। जांच में नोट की सामग्री, संबंधित वित्तीय लेनदेन और मौत की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल मौत के कारणों और विकास बंसल पर लगाए गए आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामले में आगे की स्थिति पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
स्पेशल अपडेट: जांच के निष्कर्षों का इंतजार
श्यामलाल की मौत के मामले में सुसाइड नोट मिलने के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार रोक दिया था। बेटे की शिकायत में एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित बकाया रकम और कारोबारी विवाद का उल्लेख है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि और मौत के कारणों का निर्धारण जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।







