Raebareli Palace Theft: रायबरेली के महल में 80 लाख की चोरी

Ada khan
3 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Saanvi Pandey
4 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Simran Arora
5 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Anika Rajput
6 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Tanya Bajaj
7 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Tanya Bajaj
8 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Aditya Verma
9 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Ishaan Tiwari
10 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
रायबरेली के महल में बड़ी चोरी
रायबरेली के डीह इलाके में राजा टेकारी के महल में बड़ी चोरी की खबर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चोरों ने महल परिसर के अंदर स्थित एक मंदिर को निशाना बनाया और शिव-पार्वती की अष्टधातु मूर्ति समेत करीब 80 लाख रुपये का सामान चोरी कर लिया। चोरी की घटना के बाद इलाके में पुलिस जांच शुरू हो गई है।
अष्टधातु मूर्ति और चांदी के बर्तन चोरी
चोरी किए गए सामान में शिव-पार्वती की अष्टधातु मूर्ति, करीब 22 किलोग्राम चांदी के बर्तन, ढाई लाख रुपये की नकदी और अन्य कीमती सामान शामिल बताए गए हैं। चोरों ने महल के कई कमरों के ताले भी तोड़ दिए, जहां से भी लाखों रुपये का सामान चोरी होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध स्रोत के अनुसार, चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है।
मौके से तलवार भी मिली
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घटनास्थल से एक तलवार भी मिलने की जानकारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरी की घटना की जांच शुरू कर दी है और चोरों की तलाश की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब चोरों की पहचान और उनकी आवाजाही का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। चौराहे पर लगे कैमरों से भी सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस की जांच फिलहाल जारी है।
लखनऊ में रहने की जानकारी
स्रोत में यह भी उल्लेख है कि संबंधित लोग लखनऊ में रहते हैं। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में इस बात का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है कि यह जानकारी किन लोगों के संदर्भ में है। इसलिए इस संबंध में इससे अधिक निष्कर्ष निकालना उपलब्ध स्रोत के आधार पर संभव नहीं है।








