Vrindavan Suicide Case: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर उठे सवाल

Aryan Malhotra
43 मिनट पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Ravi sinha
1 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Sonu rai
2 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Kabir Shukla
6 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Neel Saxena
6 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Ananya Sharma
6 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। शुक्रवार सुबह आश्रम से जुड़ी एक चार मंजिला इमारत की छत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना था, लेकिन घटनास्थल से मिले कुछ साक्ष्यों और परिस्थितियों के चलते पुलिस अब मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।
चौथी मंजिल से गिरने का CCTV फुटेज सामने आया
पुलिस ने उस अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की DVR को कब्जे में लिया है, जहां रसिक दुलारी शरण रहते थे। जांच में सामने आया है कि CCTV फुटेज में वह इमारत की चौथी मंजिल की छत से नीचे गिरते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, घटना से पहले छत या कमरे में उनके साथ कौन-कौन मौजूद था और घटनाक्रम किस तरह हुआ, इसे लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
कमरे से ग्राइंडर मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस के अनुसार, मृतक के कमरे से टाइल्स काटने वाला ग्राइंडर मिला है, जिस पर खून के निशान बताए गए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह उपकरण कमरे में कब से था और वहां इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। घटनास्थल से मिले सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
शरीर पर चोटों और अत्यधिक रक्तश्राव की जांच
पोस्टमार्टम से जुड़ी जानकारी के अनुसार, मृतक के शरीर पर कई चोटें पाई गईं और अत्यधिक रक्तश्राव को मृत्यु का प्रमुख कारण बताया गया है। सिर, हाथ, पैर और कंधे सहित शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोटों की बात सामने आई है। पुलिस इन चोटों को घटनाक्रम से जोड़कर जांच कर रही है।
प्राइवेट पार्ट पर चोट को लेकर पुलिस तलाश रही जवाब
मामले में सबसे अहम सवाल मृतक के प्राइवेट पार्ट पर चोट और खून के निशान को लेकर सामने आया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह चोट किस परिस्थिति में लगी। इसी कारण जांच केवल छत से गिरने की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे पहले कमरे में क्या हुआ, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
मृतक के साथ रहने वाले व्यक्ति से भी पूछताछ
पुलिस के अनुसार, रसिक दुलारी शरण जिस फ्लैट में रहते थे, वहां उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी रहता था। पुलिस ने उससे पूछताछ की है। इसके अलावा अपार्टमेंट में रहने वाले अन्य साधकों से भी अलग-अलग जानकारी ली जा रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को समझा जा सके।
मोबाइल और खून के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन और खून के नमूने भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल से मिलने वाले डेटा, चैट, फोटो या अन्य डिजिटल जानकारी से घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या घटना से पहले फोन से कोई डेटा डिलीट किया गया था।
सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
पुलिस के अनुसार मौके से अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में आत्महत्या के कारणों को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मृतक ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया और घटना से पहले उनकी स्थिति क्या थी।
ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई आश्रम और आसपास की स्थिति
घटना के बाद न्यूज18 इंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट में उस चार मंजिला इमारत को भी दिखाया गया, जहां से रसिक दुलारी शरण नीचे गिरे थे। आसपास रहने वाले लोगों से भी बातचीत की गई। हालांकि, आश्रम और आसपास रहने वाले कई लोगों ने घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी होने से इनकार किया और जांच पर टिप्पणी करने से बचते नजर आए।
पुलिस अधिकारी बोले- सभी पहलुओं की जांच जारी
जांच कर रहे CO संदीप कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस को सर्वोदय अस्पताल में एक व्यक्ति के घायल अवस्था में पहुंचने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि रसिक दुलारी शरण आश्रम से जुड़े स्थान पर रहते थे और चौथी मंजिल से गिरने के कारण उनकी मौत हुई। अधिकारी के मुताबिक शुरुआत में मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हुआ था, लेकिन फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को कब्जे में लिया गया है और जांच जारी है।
फिलहाल मौत की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं
रसिक दुलारी शरण की मौत को लेकर फिलहाल पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है। CCTV फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम निष्कर्ष, मोबाइल डेटा और प्रत्यक्ष अथवा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत केवल आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति भी थी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।








