Disha Salian Case Update: दिशा सालियान केस में नया मोड़

दिशा सालियान केस में नया मोड़
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Ravi sinha

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दिशा सालियान की जून 2020 में हुई मौत का मामला करीब छह साल बाद एक बार फिर जांच के केंद्र में है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया था। अदालत ने मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच और लंबे समय तक FIR दर्ज नहीं होने को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद CBI ने सितंबर में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। एजेंसी अब पुराने पुलिस रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, फॉरेंसिक सामग्री और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की दोबारा जांच कर रही है। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री सामने आने से पहले किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाए।


दिशा के पिता की शिकायत भी जांच के दायरे में
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान लंबे समय से अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों की दोबारा जांच की मांग करते रहे हैं। उनकी शिकायत और अदालत में दायर याचिका के बाद मामले को CBI तक पहुंचाया गया। CBI के सामने अब शुरुआती जांच में दर्ज दस्तावेजों, पुलिस कार्रवाई और उस रात मौजूद लोगों से जुड़े तथ्यों की समीक्षा का विषय है। सतीश सालियान और उनके वकील की ओर से कई गंभीर आरोप और दावे किए गए हैं, लेकिन इन दावों को फिलहाल जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता। इन आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच एजेंसी द्वारा जुटाए जाने वाले स्वतंत्र सबूतों से होना बाकी है।


FIR में नामों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट
CBI FIR को लेकर मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग तरह की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि शिकायत के आधार पर कई लोगों के नाम जांच के लिए सामने आए हैं, जबकि अन्य रिपोर्टों ने CBI अधिकारियों के हवाले से स्पष्ट किया कि FIR में इस चरण पर किसी को आरोपी नामित नहीं किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश में भी यह स्पष्ट किया गया था कि केवल किसी व्यक्ति का नाम सामने आने से उसे आरोपी नहीं माना जाएगा। इसलिए फिलहाल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध होने की बात कहना उचित नहीं होगा। जांच आगे बढ़ने के साथ CBI उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करेगी।

 

CCTV और पुराने रिकॉर्ड भी जांच में
मामले में CCTV फुटेज, पुलिस रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुड़े पुराने दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालिया रिपोर्टों में दिशा को अस्पताल ले जाने वाले लोगों और एक कथित महिला की पहचान से जुड़े सवालों का भी उल्लेख हुआ है। इन पहलुओं को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हर दावे को आधिकारिक जांच का निष्कर्ष मानना सही नहीं है। CBI पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध डिजिटल तथा फॉरेंसिक सामग्री की स्वतंत्र समीक्षा कर रही है। जांच में सामने आने वाले प्रमाण ही यह तय करेंगे कि पुराने दावों में से किन तथ्यों की पुष्टि होती है।


सुशांत सिंह राजपूत केस से कनेक्शन पर फिर चर्चा
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी और इसके कुछ ही दिन बाद 14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत हुई थी। दोनों घटनाओं के बीच कम अंतर के कारण वर्षों से सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहस में दोनों मामलों को जोड़कर कई दावे किए जाते रहे हैं। हालांकि, दोनों मामलों के बीच आपराधिक संबंध साबित होने की बात अभी जांच के स्तर पर स्थापित नहीं हुई है। सुशांत सिंह राजपूत मामले में CBI पहले ही क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है, जबकि दिशा सालियान मामले में अब नई CBI जांच चल रही है। इसलिए दोनों मामलों के बीच किसी निष्कर्ष को तथ्य के रूप में पेश करना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।


लाइव डिबेट्स में दावों के बीच जांच पर नजर
दिशा सालियान मामले में CBI की नई जांच शुरू होने के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी और टीवी डिबेट्स भी तेज हुई हैं। कुछ पक्ष मामले में सामने आए आरोपों और नए दावों की जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि आदित्य ठाकरे और शिवसेना यूबीटी की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। दिशा के पिता की ओर से आदित्य ठाकरे और अन्य लोगों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं संबंधित पक्षों ने आरोपों से इनकार किया है। ऐसे में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण पहलू CBI की जांच और उसके सामने आने वाले प्रमाण हैं। जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप, दावे और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को अलग-अलग रखते हुए देखना जरूरी है।

 

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