Israel Nearly Shot Down Flight: फ्लाईदुबई विमान पर हमले से पहले बची बड़ी घटना

Ishaan Tiwari
3 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Vihaan Patel
4 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Neel Saxena
5 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Pihu Agarwal
5 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Anjali Patil
7 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Ayaan Khan
8 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Nidhi kumari
10 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
फ्लाईदुबई विमान हाईजैक की कोशिश
फ्लाईदुबई की इजरायल जाने वाली एक उड़ान में ओमान के को-पायलट द्वारा कथित तौर पर विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। स्रोत में CBS News की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि विमान से हाईजैक का संकेत मिलने के बाद इजरायली अधिकारियों ने विमान को मार गिराने की संभावित कार्रवाई के लिए तैयारी शुरू कर दी थी।
विमान तेजी से नीचे गिरा, कमांड सेंटर बनाया गया
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान कुछ ही सेकंड में करीब 18,000 फीट नीचे गिर गया। इजरायली एयर फोर्स ने कॉकपिट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर पहले से तय आपात प्रक्रिया सक्रिय की गई। एक कमेटी की बैठक के बाद तत्काल कमांड सेंटर बनाया गया और स्थिति पर नजर रखने के लिए कार्रवाई शुरू हुई।
फाइटर जेट्स किए गए रवाना
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने फाइटर जेट्स रवाना किए और अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इसी दौरान विमान इजरायल की दिशा में आने के बजाय सऊदी अरब की ओर मुड़ गया। सऊदी अरब ने भी अपने लड़ाकू विमान रवाना किए। इस मोड़ के बाद विमान को लेकर स्थिति का आकलन करने की कोशिश जारी रही।
भारतीय पायलट ने संभाला कॉकपिट
स्रोत के अनुसार, भारतीय पायलट ने को-पायलट के साथ संघर्ष के बाद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके साथ ही इजरायली यात्रियों और फ्लाईदुबई के कर्मचारियों के एक समूह ने कथित हमलावर को काबू कर लिया। ड्यूटी पर नहीं रहने वाले दो अन्य पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई।
इजरायल ने विमान पर हमला क्यों नहीं किया
CBS News से बात करने वाले सूत्रों के मुताबिक, इजरायल के पास हाईजैक या अनियंत्रित विमान की स्थिति से निपटने के लिए पहले से एक प्रोटोकॉल मौजूद था। इसके तहत लड़ाकू विमानों को संदिग्ध विमान के करीब भेजकर कॉकपिट और केबिन की स्थिति का आकलन किया जा सकता था। यदि विमान के अपहरण की पुष्टि होती और रेडियो संपर्क भी स्थापित नहीं हो पाता, तो तय प्रक्रिया के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आगे की कार्रवाई का मुद्दा रखा जाता।
विमान को मार गिराने की संभावना पर रिपोर्ट
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यदि विमान इजरायल के करीब पहुंचता और उसे हाईजैक किए जाने की पुष्टि होती, तो उसे हवा में ही मार गिराने की संभावना पर विचार किया जा सकता था। स्रोत के अनुसार इस तरह के अंतिम फैसले का अधिकार प्रधानमंत्री के स्तर पर बताया गया है। हालांकि, इस घटना में विमान के इजरायल पहुंचने से पहले ही स्थिति नियंत्रण में आ गई और आपात लैंडिंग कराई गई।
पहले से तैयार था हाईजैक प्रोटोकॉल
CBS News की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल लंबे समय से ऐसे संभावित परिदृश्यों के लिए अभ्यास करता रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों ने विमान से संपर्क, लड़ाकू विमानों की तैनाती और यात्रियों की स्थिति का आकलन करने जैसी प्रक्रियाओं के लिए पहले से प्रोटोकॉल तैयार कर रखा था। इस घटना में पायलट और यात्रियों द्वारा स्थिति संभाल लेने के बाद विमान पर सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ी।








