Direct vs Regular Fund: Direct vs Regular Mutual Fund, कौन सा प्लान बेहतर?

Direct vs Regular Mutual Fund, कौन सा प्लान बेहतर?
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Simran Arora

Simran Arora

0 सेकंड पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Neel Saxena

Neel Saxena

0 सेकंड पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

0 सेकंड पहले

Financial planning sochni hogi ab naye sir se.

Diya Gupta

Diya Gupta

0 सेकंड पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Sai Mehta

Sai Mehta

0 सेकंड पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

0 सेकंड पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

1 घंटे पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Anil Sen

Anil Sen

1 घंटे पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

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Direct और Regular Mutual Fund में क्या अंतर है?
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय एक ही स्कीम के तहत Direct और Regular जैसे दो विकल्प दिखाई देते हैं। दोनों में फंड मैनेजर और निवेश किया जाने वाला पोर्टफोलियो समान होता है, लेकिन इनके खर्च और निवेश करने के तरीके में अंतर होता है। इसी वजह से दोनों प्लान की NAV और लंबे समय में मिलने वाला रिटर्न अलग हो सकता है।

 

Direct Plan में खर्च कम क्यों होता है?
Direct Plan में निवेशक म्यूचुअल फंड कंपनी या Direct Plan की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे निवेश करता है और बीच में म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर नहीं होता। इसलिए डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़ा कमीशन इसमें शामिल नहीं होता और इसका Expense Ratio आमतौर पर Regular Plan से कम रहता है। लंबे समय तक निवेश करने पर खर्च में छोटा अंतर भी कंपाउंडिंग के कारण कुल निवेश मूल्य पर असर डाल सकता है।

 

Regular Plan में क्या मिलता है?
Regular Plan में निवेशक म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर या एजेंट के जरिए निवेश करता है। इसमें डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़ा खर्च शामिल होता है, जिसके कारण Expense Ratio Direct Plan की तुलना में अधिक हो सकता है। इसके बदले निवेशक को स्कीम चुनने, निवेश से जुड़ी प्रक्रिया और पोर्टफोलियो को समझने में डिस्ट्रीब्यूटर से सहायता और मार्गदर्शन मिल सकता है।

 

क्या Regular Plan खराब विकल्प है?
सिर्फ ज्यादा खर्च होने की वजह से Regular Plan को खराब विकल्प मानना सही नहीं है। अगर कोई निवेशक पहली बार म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहा है, खुद स्कीम चुनने में सहज नहीं है या जोखिम और पोर्टफोलियो को समझने के लिए लगातार मदद चाहता है, तो डिस्ट्रीब्यूटर की सहायता उसके लिए उपयोगी हो सकती है। इस सुविधा की लागत निवेशक को अपेक्षाकृत अधिक Expense Ratio के रूप में चुकानी पड़ती है।

 

Direct Plan किस निवेशक के लिए बेहतर हो सकता है?
अगर निवेशक खुद अलग-अलग फंड की तुलना कर सकता है, जोखिम को समझता है और अपने निवेश की निगरानी के लिए पर्याप्त समय रखता है, तो Direct Plan कम खर्च वाला विकल्प हो सकता है। हालांकि केवल अधिक रिटर्न दिखाई देने की वजह से Direct Plan चुनना उचित नहीं है। इसमें फंड चुनने से लेकर निवेश और उसकी निगरानी तक की जिम्मेदारी निवेशक की होती है।

 

फैसला केवल खर्च देखकर न करें
Direct और Regular Plan में चुनाव करते समय केवल Expense Ratio या दिखने वाले रिटर्न को आधार नहीं बनाना चाहिए। निवेशक को अपनी जानकारी, जोखिम समझने की क्षमता, समय और निवेश से जुड़ी सहायता की जरूरत को ध्यान में रखना चाहिए। Direct Plan उन निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकता है जो खुद रिसर्च और निगरानी कर सकते हैं, जबकि जिन लोगों को लगातार मार्गदर्शन चाहिए उनके लिए Regular Plan उपयोगी हो सकता है। निवेश से पहले संबंधित स्कीम का वास्तविक Total Expense Ratio (TER) और अन्य लागू खर्चों की जानकारी देखना जरूरी है।

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Simran Arora

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0 सेकंड पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Neel Saxena

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0 सेकंड पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

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Financial planning sochni hogi ab naye sir se.

Diya Gupta

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0 सेकंड पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Sai Mehta

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0 सेकंड पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Reyansh Joshi

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0 सेकंड पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

1 घंटे पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Anil Sen

Anil Sen

1 घंटे पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

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